गंजापन, केशाभाव या बालों का झड़ना (एलोपेसिया)

गंजापन, केशाभाव या बालों का झड़ना (एलोपेसिया) 
 
परिचय
 
बालों के हल्के से लेकर सिर के पूरी तरह गंजा होने को एलोपेसिया कहा जाता है। बालों का झड़ना सामान्यत: धीरे-धीरे होता है। बाल पतले (रूखे) होने लगते है तथा एक या अधिक जगह पर गंजापन आ जाता है। आमतौर पर हमारे लगभग पचास से सौ बाल प्रतिदिन टूटते-झड़ते हैं।
 
आमतौर पर गंजापन रोग के कारण नहीं होता है। यह उम्र बढ़ने, आनुवंशिकता या हार्मोन में बदलाव से भी संबंधित हो सकता है। यह मुख्यतः पुरुषों में होने वाला गंजापन (पुरुष पैटर्न गंजापन) या महिला में होने वाला गंजापन (महिला पैटर्न गंजापन) के रूप में होता है।
 

कारण
 
बालों के झड़ने के कई कारण हैं। इसमें निम्नलिखित कारण शामिल हैं:
 
केश विकार
 
वंशानुगत पतलापन या गंजापन: इसे एंड्रोजेनिक एलोपेसिया भी कहा जाता है। इसे बालों के झड़ने का सबसे सामान्य कारण माना जाता है। यह पुरूषों में पाया जाता है। यह पुरुषों में कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर पीछे की ओर बढ़ता है। वही दूसरी ओर, महिलाओं में सिर के आगे के भाग को छोड़कर पूरे हिस्से के बाल झड़ने लगते हैं।
 
एलोपेसिया एरीटा (सिर से धीरे-धीरे बाल झड़ना): यह एक ऑटोइम्यून (स्व-प्रतिरक्षित) रोग है जिसके कारण सिर की त्वचा और शरीर के किसी भी हिस्से से बाल झड़ते हैं। यह सभी उम्र के लोगों में विकसित होता है। इसमें सिर के अलग-अलग हिस्सों में जहां-तहां के बाल गिर जाते हैं, जिससे सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखता है।
 
सिट्रैटिक्स (स्कारिंग) एलोपेसिया (गंजेपन के गोल और धब्बेदार निशान): यह स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं में विकसित होता है। गंजेपन के गोल और धब्बेदार निशान एक दुर्लभ स्थिति है, जो कि बालों के रोम/कूप (हेयर फॉलिकल) नष्ट करता है। बालों के रोम/कूप (हेयर फॉलिकल) त्वचा का हिस्सा है, जहां बाल बढ़ते है, बालों के रोम नष्ट हो जाते है। इसका मतलब है कि बाल झड़ जाएगें और दोबारा नहीं बढ़ेगें/आएगें। उपचार बालों के रोम को नष्ट करने वाली सूजन रोकने का प्रयास करता है।
 
रोग
 
अंतर्निहित चिकित्सीय स्थिति: बालों के झड़ने को लगभग तीस रोगों के चेतावनी संकेत के रूप में माना जाता है। अंतर्निहित रोगों के उपचार से अक्सर बाल झड़ना रोका जा सकता है या बदला जा सकता है। चिकित्सीय स्थिति, जिसमें थायरॉयड रोग और आयरन की कमी के कारण होने वाले एनीमिया की वज़ह से बाल झड़ना होता है।
 
कुछ कैंसर उपचार: विकिरण चिकित्सा और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं भी बालों के झड़ने का कारण हो सकती हैं। जबकि बालों का झड़ना आमतौर पर अस्थायी होता है, यह चिकित्सा का सबसे तकलीफ़देह हिस्सा होता है।
 
सिर की त्वचा (खोपड़ी) में दाद (रिंगवर्म): बाल विशेष प्रकार की फफूंद से होने वाले संक्रमण के कारण झड़ भी सकते है, जो कि बच्चों में बेहद सामान्य है, जिसके कारण सिर में गंजापन और बीच-बीच में बाल झड़ने (स्केलिंग) लगते है।
 
ट्रीकोटिलोमनिया: यह एक ऐसा विकार है, जिसके कारण लोग बार-बार अपने बाल खींचते/नोचते हैं। व्यक्ति अपने सिर के बालों को लगातार खींचने की आदत के अलावा, भौहें, सिर और अन्य शरीर के हिस्सों से बार-बार बाल खींचने के लिए असहाय महसूस करता है।
 
तनाव और हार्मोन
 
तनाव: बालों का झड़ना तब भी होता है, जब कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से तनाव में हो या बड़ी सर्जरी, तेज बुख़ार, गंभीर संक्रमण या फिर फ्लू के बाद भी बाल झड़ सकते है। 
 
हार्मोन में बदलाव: हार्मोन के स्तर में कोई भी बदलाव विशेषकर महिलाओं में बालों के झड़ने का कारण हो सकता है। रजोनिवृत्ति के दौरान और प्रसव के बाद एस्ट्रोजन का स्तर गिरने के कारण बालों का झड़ना बेहद सामान्य है। जब एस्ट्रोजन का स्तर गिरने के कारण बाल झड़ते है, तो आमतौर पर नुकसान अस्थायी होता है। बाल फिर से बढ़ जाते हैं।
 
आहार
 
वज़न कम होना: वज़न की समस्या से पीड़ितों में भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। यह बाल झड़ना सामान्य है तथा बालों का बढ़ना उचित आहार और वज़न के साथ सामान्यत: दोबारा हो जाता है।
 
विटामिन ए की अधिकता: विटामिन अनुपूरक या दवाओं के माध्यम से अधिक विटामिन ए उपभोग भी बालों के झड़ने का कारण हो सकता है।
 
प्रोटीन की कमी: जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता हो, तब भी बालों का झड़ना हो सकता है। यदि आहार में प्रोटीन की कमी हो जाती है, तो शरीर बालों की वृद्धि रोककर शरीर में बचे प्रोटीन को संरक्षित करने की कोशिश करता है। दो से तीन महीने के भीतर, व्यक्ति को आमतौर पर बालों के झड़ने का पता चलता है। पर्याप्त प्रोटीन उपभोग से इसे बदला और रोका जा सकता है।
 
आयरन की कमी: आयरन का कम उपभोग बाल झड़ना उत्पन्न करता है। आयरन के अच्छे शाकाहारी स्रोतों में आयरन से भरपूर खाद्य अनाज, सोयाबीन, कद्दू के बीज, सफेद फलियाँ, दाल और पालक शामिल है। आयरन के अच्छे पशु स्रोतों की सूची में क्लैम, सीप, और मांस प्रमुख हैं।
 
आहार विकार: एनोरेक्सिया या बुलीमिया जैसा आहार विकार बालों के झड़ने का दूसरा कारण है।
 
दवाएं
 
दवाएं, जो कि बालों झड़ने का कारण हो सकती हैं, उसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
  • रक्त पतला करने वाली दवाएं।
  • विटामिन ए की उच्च खुराक। 
  • अर्थराइटिस (संधिशोथ), अवसाद, गठिया (गाउट), हृदय समस्याएं और उच्च रक्तचाप के लिए दवाएं।
गर्भनिरोधक गोलियां: गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने या बंद करने वाली कुछ महिलाएं बालों का झड़ना महसूस करती हैं। यदि परिवार में गंजेपन का रोग पहले से ही हो, तो इसकी संभावनाएं और अधिक बढ़ जाती है। 
 
बाल देखभाल पद्धति
 
बालों का सौंदर्य प्रसाधन: बालों को बार-बार रंगने के कारण बाल टूटते हैं। डाई, जैल, हेयर स्‍ट्रेटनर और हेयर स्प्रे के नियमित या अनुचित उपयोग से भी बाल टूटते हैं। त्वचाविशेषज्ञ बालों का टूटना को कम करने के लिए इन हेयर कॉस्मेटिक्स के उपयोग को सीमित करने की सलाह देते हैं।
 
मशीन से बाल सुखाना (ब्लो ड्रायर/हेयर ड्रायर से बाल सँवारना), स्‍ट्रेटनिंग आयरन (फ्लैट आयरन) और इसी तरह के उपकरण (ब्लो ड्रायर) के नियमित उपयोग से बालों को नुकसान पहुंचता है। ब्लो ड्रायर से निकलने वाली उच्च गर्मी से हेयर शाफ्ट (बाल की संरचना) का पानी सूख जाता है, जिससे बाल कमजोर हो जाते हैं और टूटने का ख़तरा रहता है। बालों को हवा में सूखाकर सुसज्जित (स्टाइल) करें, इससे बाल टूटने का ख़तरा कम होता है। त्वचाविशेषज्ञ भी फ्लैट आयरन के उपयोग को सीमित करने की सलाह देते हैं, जिसमें उच्च गर्मी तथा अन्य उपकरणों जैसे कि कर्लिंग आयरन का उपयोग करके बालों को सीधा किया जाता हैं।
 
अधिक जानकारी जानने के लिए https://hindi.boldsky.com/beauty/hair-care/2016/how-use-straightening-iron-without-damaging-hair-009543.html पर जाएं।
हेयरपिन, क्लिप, और रबर बैंड: यदि बालों में हेयरपिन, क्लिप और रबर बैंड कसकर लगाया जाता है, तो इससे बाल टूटते है। बालों का टूटना कम करने के लिए किसी को बालों को भी ढीला करके क्लिप लगानी चाहिए तथा सिर के विभिन्न हिस्सों में लगानी चाहिए ताकि बालों का टूटना एक विशिष्ट क्षेत्र में सीमित न हों।
 
जोरदार तरीकें (जोर) से बाल बनाना: नियमित शैंपू, कंघी या ब्रश करना (सौ या दिन में अधिक बार बाल बनाना) या इनमें से कोई भी कृत्य जोरदार तरीके से करने से बाल टूटने की समस्या हो सकती है। जब बाल टूटते है तब बाल रूखे या अधिक कमज़ोर/पतले हो जाते है। 

निदान
 
त्वचाविशेषज्ञ, चिकित्सकीय इतिहास और पारिवारिक इतिहास के बारे में प्रश्न पूछकर बाल झड़ने का निदान करता हैं। त्वचाविशेषज्ञ सिर (खोपड़ी) की स्थिति जानने के लिए खोपड़ी को ध्यान से देख सकता है।

प्रबंधन
 
गंजेपन/बाल झड़ने का उपचार रोग के कारण पर निर्भर करता है।
 
बिना प्रस्तावित दवा के उपचार उपलब्ध है।
 
मिनोक्सिडिल: इस दवा को सिर में लगाया जाता है। यह दवा बालों को कमज़ोर होने से रोकती है तथा साथ ही बालों को बढ़ने के लिए उत्तेजित करती है। यह पुरुषों और महिलाओं के लिए अनुमोदित एकमात्र बाल दोबारा बढ़ाने वाली दवा एकमात्र अनुमोदित है। आमतौर पर त्वचाविशेषज्ञ मिनोक्सिडिल को एक अन्य उपचार के साथ मिलाते हैं।
 
लेजर डिवाइस: ब्रश, कंघी और हाथ से चलने वाले अन्य उपकरण, जो कि लेजर लाइट उत्सर्जित करते हैं, ये भी बालों में वृद्धि करते हैं। ये उपकरण कुछ लोगों के बालों को अधिक सुंदर व सौम्य बना सकते हैं, क्योंकि एफडीए (खाद्य और औषधि प्रबंधन) इन उत्पादों को चिकित्सा उपकरणों के रूप में वर्गीकृत करता है। इन उत्पादों को कठिन परीक्षण से गुजरना नहीं पड़ता है। जबकि दवाओं को कठिन परीक्षण से गुजरना पड़ता हैं। इन उपकरणों के लिए दीर्घकालिक प्रभावशीलता और सुरक्षा अज्ञात है।
 
प्रस्तावित दवाएं
 
फिनास्टेराइड: एफडीए ने बाल झड़ने से पीड़ित पुरुषों के उपचार के लिए इस दवा को मंजूरी दी है। यह दवा गोली के रूप में आती है तथा ज़्यादातर (लगभग अट्ठासी प्रतिशत) पुरुषों में धीरे-धीरे बालों झड़ना रोकने में मदद करती है। यह कई (लगभग छियासठ प्रतिशत) पुरुषों में बालों के पुन: विकास (बढ़ने) को प्रोत्साहित करने में भी मदद करती है। फिनास्टेराइड डीहाईडरोटेस्टोस्टरोन/डायहाइड्रोटेस्टोटेरोन (डीएचटी), पुरुष हार्मोन बनाने से शरीर को रोककर काम करती है।
 
कॉरटिकोस्टेराइड/कॉर्टिकोस्टेरॉइड: यदि आपके बालों का झड़ना शरीर में सूजन के कारण है, तो त्वचाविशेषज्ञ सिर (खोपड़ी) में कॉर्टिकोस्टेरॉइड नामक दवा इंजेक्ट करता हैं। यह सूजन रोकने में मदद करता है। यह तब होता है, जब व्यक्ति के सिर से धीरे-धीरे बाल झड़ने (एलोपेसिया एरीटा) से पीड़ित होता है।
 
प्रक्रियाएं
 
त्वचाविशेषज्ञ की सिफ़ारिश की जाने वाली प्रक्रिया का प्रकार इस बात पर निर्भर करता है, कि आपके कितने बाल झड़ गये हैं। बेहतर परिणाम के लिए त्वचाविशेषज्ञ निम्नलिखित प्रक्रियाओं में से एक या अधिक का उपयोग कर सकता हैं:
 
केश प्रत्यारोपण (हेयर ट्रांसप्लांट): सिर की त्वचा से, जहां बालों का घनत्व है वहां से बाल निकालकर सिर के गंजे भाग में लगा (बाल प्रत्यारोपित) दिये जाते है।
 
गंजापन कम करना: गंजेपन को शल्य चिकित्सा से दूर किया जाता है तथा सिर के बाल वाले हिस्से को सिर के गंजे भाग में मिला दिया जाता है। गंजापन दूर करने वाली शल्य चिकित्सा अकेले या बाल प्रत्यारोपण के साथ की जाती है।
 
सिर की त्वचा का विस्तारण: त्वचा को खिंचने के लिए लगभग तीन से चार सप्ताह तक सिर की त्वचा के नीचे उपकरण लगाए जाते हैं। सिर को अधिक शिथिल बनाने के लिए गंजापन दूर करने से पहले यह प्रक्रिया की जा सकती है। यह प्रक्रिया केवल बाल वाले क्षेत्रों को फैलाने के लिए ही की जाती है, जो कि गंजेपन को कम करती है।
 
सिर की त्वचा का टुकड़ा (स्कैल्प फ्लैप्स): सिर के घनत्व बाल वाले हिस्से से बाल लेकर सिर के गंजे भाग में लगा दिये जाते है, जहां ज़रूरूत होती है।

  • PUBLISHED DATE : Feb 18, 2019
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Feb 18, 2019

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