ब्रोंकाइटिस

 
परिचय
 
ब्रोंकाइटिस, ब्रांकाई (श्वासनली (ट्रेकिआ) से लेकर फेफड़े के पैरेन्काइमा तक बड़े और मध्यम आकार के वायुमार्ग को ब्रांकाई कहते है) की श्लेष्मा झिल्ली की सूजन है।
ब्रोंकाइटिस दो प्रकार का होता है।
  • एक्यूट/तीव्र
  • क्रोनिक/दीर्घकालिक
तीव्र ब्रोंकाइटिस को गले के अंदर हल्की सनसनी या खाँसी महसूस होने से जाना जाता है। यह थूक के साथ या थूक के बिना हो सकता है (बलगम, जो कि श्लेष्म पथ से खांसी या खखार के साथ निकलता है)। तीव्र ब्रोंकाइटिस फेफड़ों के संक्रमण के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है। यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
 
क्रोनिक ब्रोन्काइटिस एक प्रकार का सीओपीडी है, जिसमें खांसी शामिल है, जो कि लगातार 2 वर्षों से 3 महीने तक खांसी के साथ थूक पैदा करता है।
 
संदर्भ:
 
 
 
 

लक्षण
ब्रोंकाइटिस का मुख्य लक्षण पीले सफ़ेद गाढ़े बलगम के साथ लगातार खांसी है, हालांकि यह हमेशा मौजूद नहीं हो सकता है। ब्रोंकाइटिस के अन्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
  • छाती/सीने में जकड़न महसूस होना। 
  • सांस लेने में तकलीफ़।
  • साँस की घरघराहट।
  • गले में दर्द।
  • हल्का बुख़ार और ठंड लगना।
  • सिरदर्द।
  • नाक बंद होना और साइनस।
  • शारीरिक पीड़ा और दर्द।
 
संदर्भ:
 

कारण
 
ब्रोंकाइटिस वायरस या बैक्टीरिया के कारण हो सकता है, हालांकि वायरल ब्रोन्काइटिस बेहद सामान्य है। ज्यादातर मामलों में ब्रोंकाइटिस, सामान्य सर्दी या इन्फ्लूएंजा (फ्लू) होने वाले वायरस के कारण होता है।
 
ब्रॉन्काइटिस का कारण परेशानी उत्पन्न करने वाले पदार्थ जैसे कि धुंध/कोहरा, घरेलू उत्पाद या तंबाकू-धूम्रपान हो सकता है। हालांकि, क्रोनिक (दीर्घकालिक) ब्रोन्काइटिस का प्रमुख कारण धूम्रपान है तथा यह धूम्रपान करने वाले लोगों को प्रभावित करता है एवं यह उनके साथ-साथ निष्क्रिय धूम्रपान करने वालों को भी प्रभावित करता हैं।
 
संदर्भ:
 
 

निदान
 
जब खांसी जैसे लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक रहते है तब किसी व्यक्ति को चिकित्सक से अवश्य मिलना चाहिए।
 
इसके अलावा छाती/सीने का एक्स-रे संक्रमण की पुष्टि करने के लिए किया जाता है।
 
संदर्भ:
 

प्रबंधन
 
एक्यूट/तीव्र ब्रोंकाइटिस के लिए:
  • आराम करें।
  • अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीएं।
  • सिरदर्द और शरीर के दर्द को पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाओं से उपचारित किया जा सकता है। अस्थमा के रोगियों को इबुप्रोफेन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • धूम्रपान छोड़ें या परेशान करने वाली चीजों को साँस के माध्यम से लेने से बचें।
 
क्रोनिक ब्रोन्काइटिस के लिए:
 
क्रोनिक अवरोधक फुफ्फुसीय रोग (सीओपीडी) का कोई उपचार नहीं है, लेकिन रोग का प्रबंधन स्थिति की प्रगति को धीमा कर सकता है तथा लक्षणों को कम कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो सीओपीडी को तुरंत गंभीर होने से रोकने का सबसे बेहतर उपाय धूम्रपान बंद करना है तथा जिससे फेफड़ों को आगे होने वाले नुकसान से बचाना है।
 
संदर्भ:
 

रोकथाम 
 
ब्रोंकाइटिस से बचने का सबसे बेहत्तर उपाय निम्नलिखित को अपनाना है:
  • धूम्रपान से बचें।
  • निष्क्रिय धूम्रपान के ज़ोखिम से बचें।
  • अच्छी तरह से हाथ धोने की पद्यति अपनाएं।
  • बच्चों को उचित और अनुशंसित टीकाकरण दिलाएं।
संदर्भ:
 

  • PUBLISHED DATE : Mar 07, 2018
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Mar 07, 2018

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