खांसी

खांसी
 
परिचय
खांसी अचानक और प्राय: लगातार किसी वस्तु के प्रति होने वाली प्रतिक्रिया है, जो कि श्वसन मार्ग को स्राव, परेशानी, बाह्य कणों और रोगाणुओं से साफ़ करने में मदद करती है। 
 
खांसी की प्रतिक्रिया के तीन चरण हैं:
 
सांस लेना। 
श्वासद्वार के बंद होने पर जबरदस्ती सांस छोड़ना।
आमतौर पर विशिष्ट ध्वनि के साथ फेफड़ों से श्वासद्वार के खुलने के बाद हवा तेज़ी से बाहर निकलती है।
 
खांसी स्वैच्छिक या अनैच्छिक दोनों में से किसी एक तरह की हो सकती है। लगातार खांसी रोग की उपस्थिति दर्शाती है। खांसी श्वसन पथ संक्रमण के कारण हो सकती है तथा निम्नलिखित के माध्यम से भी ट्रिगर (शुरू) हो सकती है:
 
चोकिंग
धूम्रपान। 
वायु प्रदुषण। 
दमा/अस्थमा।
गैस्ट्रो एसोफगेअल रीफ्लक्स रोग (जीईआरडी)।
पोस्ट नेज़ल ड्रिप। 
क्रोनिक ब्रोंकाइटिस। 
फेफड़ों का ट्यूमर। 
हृदय विफलता और एसीई इन्हीबीटर्स जैसी दवाएं।
 
प्रकार:
 
एक्यूट खांसी: यह खांसी अचानक होती है। इस खांसी का कारण साइनस, फ्लू या साइनस संक्रमण हो सकता है।
 
सब एक्यूट खांसी: यह खांसी तीन से आठ सप्ताह तक रहती है। 
 
क्रोनिक खांसी: यह खांसी आठ सप्ताह से अधिक समय तक रहती है।
 
संदर्भ:
 
 
 
 
बच्चों के लिए खांसी के दौरान क्या करें और क्या न करें: www.cdc.gov

कारण
 
एक्यूट खांसी: यह वायरस के कारण श्वसन पथ में होने वाले संक्रमण की वज़ह से होती है। इन्फ्लूएंजा (फ्लू), लैरींगाइटिस और सामान्य सर्दी जैसी स्थितियों के कारण अधिकांशत: संक्रमण ऊपरी पथ में होता है। ब्रोंकाइटिस और निमोनिया जैसी स्थितियां निचले पथ संक्रमण में होती है। 
 
क्रोनिक खांसी: लगातार खांसी निम्नलिखित के कारण हो सकती है:
  • धूम्रपान।
  • गैस्ट्रोइसोफ़ेगल रिफ़्लक्स।
  • पोस्ट नेज़ल ड्रिप (राइनाइटिस/नासाशोथ जैसी स्थिति के कारण नाक के भीतर स्थित स्राव का गले में पहुंचना)।
  • श्वसन तंत्र संक्रमण जैसे कि ब्रोंकाइटिस या काली खांसी। 
संदर्भ:
 
 

निदान
 
यदि खांसी एक सप्ताह से अधिक समय तक रहती है, तो आपको अपने चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। 
 
प्रयोगशाला परीक्षण: नाक या गले के बलगम का परीक्षण किया जाता है।  यह परीक्षण यह दिखा सकता है, कि यह संक्रमण जीवाणु संक्रमण है या नहीं है। 
 
छाती का एक्स रे: छाती का एक्स रे हृदय और फेफड़ों का चित्र लेता है। यह परीक्षण निमोनिया और फेफड़ों के कैंसर की स्थिति का पता लगाने में मदद कर सकता हैं। 
 
फेफड़ों की कार्यप्रणाली का परीक्षण: इस परीक्षण से यह पता चलता है, कि कोई व्यक्ति कितनी हवा अंदर लेता और बाहर छोड़ता है तथा कोई व्यक्ति कितनी तेज़ी से हवा बाहर छोड़ता है। फेफड़ों की कार्यप्रक्रिया का परीक्षण अस्थमा तथा अन्य स्थितियों का पता लगाने में मदद करता हैं। 
 
संदर्भ:
 

प्रबंधन
 
आमतौर पर खांसी को इससे जुड़े लक्षणों का उपचार करके ठीक किया जा सकता हैं।
 
सर्दी खांसी की दवा: सर्दी खांसी की दवा नाक के सूजे ऊतकों को सिकोड़कर और बलगम के उत्पादन को कम करके राहत दिलाती हैं।  
 
खांसी ख़त्म करने और कफ़ निकालने वाली दवाएं: खांसी ख़त्म करने वाला डैक्ट्रोंमेथोफेन, जो कि डैल्सिम और ड्राक्सालोन में पाया जाता हैं। एक्यूट खांसी में घरेलू नुस्खे जैसे कि नींबू और शहद का उपयोग बेहद प्रभावी है।
 
संदर्भ:
 

  • PUBLISHED DATE : Mar 26, 2019
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Mar 26, 2019

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