शराबखोरी

शराबखोरी वह स्थिति है, जब व्यक्ति शराब का अत्यधिक सेवन करता है तथा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से पीड़ित होने के बावजूद लगातार शराब पीता है। व्यक्ति के शराब पीने की आदत कई तरह की समस्याओं को पैदा करती है, लेकिन कई बार शारीरिक आदते समस्याओं को पैदा नहीं करती है।

यह समस्याएं शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव जैसे कि शराब विषाक्तता, यकृत (लीवर) की सिरोसिस, कार्य में असमर्थता और मेलजोल तथा विनाशकारी व्यवहार (हिंसा और बर्बरता) जैसी बहुत सारी हानिकारक स्थितियों को पैदा करती हैं।

शराबखोरी लिंग संबंधी बीमारी नहीं है।

संदर्भ:

http://www.cdc.gov

http://www.nhs.uk

http://www.nlm.nih.gov

http://www.nlm.nih.gov

http://ebook.ijcpgroup.com

शराबखोरी या शराब के सेवन से पीड़ित व्यक्तियों के लक्षण निम्नलिखित हो सकते है:

  • शराब पीने के बुरे प्रभावों को जानने के बाद भी शराब का सेवन करना।
  • अकेले पीना।
  • पीने के बारे में पूछे जाने पर प्रतिकूल होना।
  • पीने पर नियंत्रण न होना।
  • पीने के लिए बहाना बनाना।
  • पीने के कारण काम और स्कूल को छोड़ना या प्रतिभा के प्रदर्शन में कमी।
  • शराब के कारण गतिविधियों में भाग न लेना।
  • अधिकतर दिनों में व्यक्ति को दिन व्यतीत करने के लिए शराब पीने की ज़रूरत महूसस होती है।
  • यदि कोई शराब पीने से रोकने की कोशिश करता है, तो हिंसक हो जाना।
  • इसके अलावा, शराब का सेवन शारीरिक समस्याओं को भी विकसित करता है। शराब से पीड़ित व्यक्ति की याददाश्त कमजोर और समस्यापूर्ण हो जाती है, जिसे ब्लैकआउट कहा जाता है। शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति की भूख कम हो जाती है, क्योंकि उसके यकृत (लीवर) की परेशानी और पाचन प्रणाली की सूजन, हृदय की जलन और मतली को पैदा करती हैं।

इसमें चेतावनी के संकेत "तिरस्कारपूर्ण बातचीत" और "शराब की दुर्गंध" है।

"ड्राइ ड्रंगक सिंड्रोम" को जल्दी गुस्सा,चिड़चिड़ापन और बेचैनी से जाना जाता है।

संदर्भ:

चिकित्सा पेशेवर शराब पीने वाले व्यक्ति का शारीरिक परीक्षण करेगा। वह व्यक्ति के चिकित्सीय और पारिवारिक इतिहास, अल्कोहल के उपयोग तथा उससे संबंधित अन्य सवाल पूछेगा। व्यक्ति शराबी है या नहीं। इसका निर्धारण परीक्षण द्वारा किया जा सकता है:

• रक्त में अल्कोहल का स्तर।

• पूर्ण रक्त गणना।

• यकृत (लीवर) प्रक्रिया परीक्षण।

• मैग्नेशियम रक्त परीक्षण

 संदर्भ:

http://www.nlm.nih.gov

शराब का उपचार व्यक्ति द्वारा सेवन की जाने वाली शराब की मात्रा के आधार पर किया जाता है। उपचार के विकल्प निम्नलिखित हो सकते हैं:

विषहरण - सुरक्षित शराब पीना छोड़ने हेतु नर्स या चिकित्सक का सहयोग होना आवश्यक है। व्यक्ति का उपचार दवाओं या धीरे-धीरे समय के साथ शराब का सेवन कम करने के लिए दी जाने वाली सहायता द्वारा किया जा सकता है। इस प्रकार, शराब का सेवन छोड़ने पर होने वाले लक्षणों को कम किया जा सकता है।

परामर्श- इसमें स्व-सहायता समूह और बातचीत थेरेपी जैसे कि संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) शामिल हैं।

दवाएं - शराब पीना छोड़ने के लिए दो प्रकार की दवाएं शराब पीना रोकने में सहायता करती हैं। पहली तरह की दवा का उपयोग शराब पीना छोड़ने पर होने वाले लक्षणों को कम करने के लिए किया जाता है। आमतौर पर, इस दवा का उपयोग कम समयावधि के लिए किया जाता है।

इसके अंतर्गत सबसे ज़्यादा उपयोग की जाने वाली सामान्य दवा को क्लोर्डाइज़ीपौक्साइड (लिब्रियम) कहा जाता है। व्यक्ति के पीने की तीव्र इच्छा को कम करने के लिए अन्य दवाओं का उपयोग भी किया जा सकता है। इसके लिए सामान्यत: उपयोग की जाने वाली दवाएं अकेम्प्रोसेट और नाल्ट्रिक्ज़ोन है;  इन दवाओं को निश्चित मात्रा में दिया जाता है। आमतौर पर ये दवाएं व्यक्ति को छह से बारह महीनों तक दी जाती है।

संदर्भ:

http://www.nhs.uk

  • PUBLISHED DATE : Dec 10, 2015
  • PUBLISHED BY : Zahid
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Dec 10, 2015

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