माइग्रेन

माइग्रेन
 
परिचय
 
माइग्रेन एक तंत्रिका संबंधी विकार है, जिसे अक्सर सिर के एक हिस्से में चुभन भरा दर्द/फड़कता या असहनीय तेज दर्द से बताया जाता है। आमतौर पर ‘सिरदर्द’ सिर के एक तरफ (सिर के आधे हिस्से को प्रभावित करता है) में होता है और प्रकृति में फड़कता दर्द होता है तथा यह दो से बहत्तर घंटों तक रहता है।
 
माना जाता है, कि माइग्रेन पर्यावरण और आनुवांशिक कारकों के मिश्रण के कारण होता हैं। माइग्रेन आमतौर पर आत्म-सीमित, आवर्ती गंभीर सिरदर्द के साथ स्वायत्त लक्षणों से जुड़े होता हैं।
 
संदर्भ:
 
 
 
 

लक्षण 
 
माइग्रेन के लक्षणों को निम्नलिखित चरणों में विभाजित किया जाता है। माइग्रेन के पांच अलग-अलग चरण हैं, हालांकि हर व्यक्ति सभी चरणों से होकर नहीं गुजरता है:
 
'प्रोड्रोमल' (पूर्व-सिरदर्द) चरण: कुछ लोगों को स्वभाव, ऊर्जा के स्तर, व्यवहार और भूख में परिवर्तन महसूस होता है तथा माइग्रेन का हमला होने से कई घंटे या दिन पहले कभी-कभी पीड़ा और दर्द होता है।
 
ऑरा: कुछ लोग अपने माइग्रेन की शुरूआत से ठीक पहले संवेदी या ऑरा महसूस करते है। ऑरा के लक्षणों में प्रकाश से चकाचौंध या काले धब्बे (ब्लाइंड स्पॉट), ध्यान केंद्रित करने और चीजों को देखने में कठिनाई, जैसे कि वे एक टूटे हुए दर्पण के माध्यम से देख रहे हैं, शामिल है। आमतौर पर यह चरण लगभग पंद्रह मिनट से एक घंटे तक रहता है।
 
सिरदर्द का चरण: आमतौर पर सिर के एक हिस्से में चुभन भरा दर्द/फड़कता या असहनीय तेज दर्द होता है। यह अंधेरे कमरे में अकेले लेटने की मज़बूत इच्छा के साथ उंची आवाज, चमकदार रोशनी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता, मतली और उलटी से जुड़ा है। यह चरण चार से बहत्तर घंटे तक रहता है।
 
समाधान का चरण: माइग्रेन के ज्यादातर हमले धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं। कुछ लोगों में बीमार होने के बाद अचानक सिरदर्द बंद हो जाता है। नींद अक्सर लक्षणों को राहत देती है।
 
'पोस्टड्रोमल' या उपचारित होने वाला चरण: तत्पश्चात थकावट और कमजोरी का चरण हो सकता है। माइग्रेन के दौरान अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। इसमें निम्नलिखित शामिल है:
 
कमज़ोर एकाग्रता।
 
पसीना आना।
 
बहुत गर्म या बहुत ठंडा महसूस होना।
 
पेट में दर्द।
 
लगातार पेशाब करने की आवश्यकता होना। 
 
संदर्भ: 
 

कारण
 
माइग्रेन का सटीक कारण अभी भी ज्ञात नहीं है। हालांकि बहुत सारे ट्रिगर के कारक (दौरे) शारीरिक कारकों के साथ जुड़े हैं, जैसे कि:
 
तनाव।
 
भूख।
 
थकान।
 
अन्य हार्मोनल प्रभाव, जैसे कि रजोदर्शन (पहला माहवारी चक्र), मौखिक गर्भनिरोधक का उपयोग, गर्भावस्था, पेरी रजोनिवृत्ति और रजोनिवृत्ति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये हार्मोनल प्रभाव ऑरा के बिना माइग्रेन में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
 
आहारीय/आहार-संबंधी ट्रिगर्स में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
कम खाना (अल्प खुराक लेना)।
 
देरी से या अनियमित आहार लेना।
 
निर्जलीकरण (पानी की कमी)।
 
अल्कोहल।
 
आहार, जिसमें टायरामिन (उदाहरण के लिए: दुग्ध, मांस, मुर्गी और मछली उत्पादों) की मात्रा अधिक होती है।
 
कैफीन उत्पाद जैसे कि चाय और कॉफी।
 
विशिष्ट आहार जैसे कि चॉकलेट, खट्टे फल या चीज।
 
पर्यावरण कारकों में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
प्रकाश की चकाचौंध।
 
धूम्रपान।
 
भीड़-भाड़ वाला माहौल।
 
उंची आवाज़।
 
जलवायु परिवर्तन, जैसे कि आर्द्रता या अत्यधिक ठंडे तापमान में बदलाव।
 
टेलीविजन या कंप्यूटर स्क्रीन पर झिलमिलाता चित्रपट (फ्लिकरिंग स्क्रीन)।
 
संदर्भ: 
 
 

निदान
 
माइग्रेन का निदान संकेतों और लक्षणों पर आधारित है।
 
इमेजिंग परीक्षण सिरदर्द के अन्य कारणों को अलग करने के लिए किया जाता है।
 
एनएचपी स्वास्थ्य की बेहतर समझ के लिए संकेतक जानकारी प्रदान करता है।
 
किसी भी प्रकार के निदान और उपचार के लिए आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।
 
संदर्भ:
 

प्रबंधन
 
वर्तमान में माइग्रेन के लिए कोई उपचार नहीं है।
 
पेरासिटामोल और एस्पिरिन जैसी दर्द निवारक दवाएं माइग्रेन से मुकाबला करने में बेहद प्रभावी हैं।
 
ट्रिपटांस जैसे कि सुमाट्रिपटांस (इमिट्रेक्स), रिजट्रिपटांस (मैक्सालट) दर्द और अन्य लक्षणों से राहत दिलाने में प्रभावी हैं जो कि माइग्रेन से जुड़े हैं।

रोकथाम
 
आहार के साथ-साथ पर्यावरणीय ट्रिगर्स से बचें।
 
नियमित व्यायाम करें, क्योंकि यह तनाव प्रबंधन में मदद करता है तथा इस प्रकार यह माइग्रेन को रोकने में मदद कर सकता है।
 
यदि महिला माइग्रेन से पीड़ित है और एस्ट्रोजेन ट्रिगर करता है या सिरदर्द को बढ़ाता है, तो एस्ट्रोजन युक्त दवा से बचा जाना चाहिए।
 

  • PUBLISHED DATE : Aug 31, 2018
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Aug 31, 2018

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