कार्पल टनल सिंड्रोम

कार्पल टनल सिंड्रोम
 
परिचय 
 
कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) एक अपेक्षाकृत सामान्य स्थिति है, जिसके कारण हाथ और उंगलियों में दर्द, सुन्नता, झुनझुनाहट और सनसनी होती है। सनसनी धीरे-धीरे विकसित होती हैं तथा फिर रात के दौरान बढ़ (बिगड़) जाती हैं। यह अंगूठे, तर्जनी, बीच की उंगली और अनामिका के आधे भाग को प्रभावित करती हैं। यह आमतौर पर कलाई में मध्य तंत्रिका पर दबाव के कारण होती है। 
 
संदर्भ:

लक्षण
 
तीन मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
 
झुनझुनी।
सुन्न होना।
दर्द।
 
ये लक्षण सामान्यत: अंगूठे, तर्जनी, बीच की उंगली और अनामिका के आधे भाग में देखे जाते हैं।
 
अन्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल है:
 
पिंस और सुइयां चुभने के समान हाथों में जलन, चुभन वाली सनसनी (पैरेस्थीसिया)।
हाथ की शुष्क त्वचा, त्वचा के रंग में परिवर्तन या सूजन।
अंगूठे में कमजोरी, जब इसे समकोण में मोड़ने का प्रयास करते है तब यह हथेली से अलग हो जाता है।
अंगूठे की मांसपेशियों में कमजोरी और अपव्यय (ऐट्रॉफी)।
 
संदर्भ:
 

कारण
 
कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) के लक्षण कलाई पर मध्य तंत्रिका के संपीड़न या दबाव के कारण होते हैं।
 
जोखिम के कारक:
 
पारिवारिक इतिहास: यदि परिवार में सीटीएस का कोई इतिहास है, तो व्यक्ति में सीटीएस से पीड़ित होने की संभावना बढ़ जाती है।
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, जैसे कि मधुमेह और असामान्य रूप से निष्क्रिय थायरॉयड ग्रंथि।
गर्भावस्था।
कलाई पर कुछ चोटें: सीटीएस हाथ की चोट के बाद कभी-कभी हो सकता है।
मोच, फ्रैक्चर और कुचलना (क्रश) जैसी चोटे सूजन का कारण बन सकती हैं, जो मध्य तंत्रिका पर दबाव डालती हैं।
 
संदर्भ:

निदान
 
शारीरिक परीक्षण: एक मिनट के लिए कलाई को सीधा या एक मिनट के लिए सिर से ऊंचा रखने से सीटीएस के लिए अन्य सामान्य परीक्षण किए जाते हैं तथा यदि किसी में स्थिति है तो उसे दर्द, सुन्नता या झुनझुनी होनी चाहिए।
 
इलेक्ट्रोमोग्राफी (ईएमजी): जब तंत्रिका उत्तेजित हो जाती है, तब मांसपेशियां कैसे प्रतिक्रिया करती हैं, यह कोई तंत्रिका क्षति का संकेत हो सकता है, यह इसके बारे में उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। 
 
संदर्भ:

प्रबंधन
 
कलाई पर तख्ती या सख्त पट्टी बांधना: उपचार के तौर पर रात में कलाई पर तख्ती या सख्त पट्टी बांध दी जाती है तथा यह कलाई को एक ही स्थिति में रखती है। कलाई पर तख्ती या सख्त पट्टी बांधना कलाई मुड़ने से रोकता है, जो कि मध्य तंत्रिका पर दबाब डालने और लक्षणों को बढ़ाने का काम करता है।
 
कॉरटिकोस्टेराय्ड: मज़बूत रसायनों के रूप में स्टेरॉयड सूजन कम करने में मदद करता हैं।
 
सर्जरी: सीटीएस के लिए सर्जरी को कार्पल टनल डीकम्प्रेशन या कार्पल टनल रिलीज़ सर्जरी के नाम से जाना जाता है। यदि स्थिति छह महीने तक बनी रहती है, तो सामान्यत इस प्रक्रिया को किया जाता है। सर्जरी के दौरान कार्पल टनल के ऊपर लिगामेंट, जिसे कार्पल लिगामेंट के नाम से जाना जाता है, इसे कलाई में मध्य तंत्रिका पर दबाव कम करने के लिए काटा जाता है।
 
संदर्भ:

रोकथाम
 
सीटीएस रोकने के उपाय इस प्रकार हैं:
 
हाथ और कलाई वह गतिविधियों करें, जो कि पूरे हाथ और कलाई में समान रूप से दबाव और गति प्रसारित करती हैं।
बांह, हाथ और अंगुलियों की मांसपेशियों को मज़बूत और लचीला बनाए रखें।
खिंचाव वाले व्यायाम करें।
थोड़ी-थोड़ी देर में आराम करें, कलाई सीधी रखने के लिए तख्ती या सख्त पट्टी बांधे तथा कलाई की स्थिति और मुद्रा सही रखें।
नियोक्ता एर्गोनॉमिक्स में कार्यक्रम विकसित कर सकते हैं, कार्यस्थल की स्थितियों और कार्य की मांग को कर्मचारियों की क्षमता के अनुसार अनुकूल बनाने की प्रक्रिया है।
 
संदर्भ:

  • PUBLISHED DATE : Mar 26, 2019
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Mar 26, 2019

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