कॉर्नियल घर्षण (कॉर्निया का घर्षण या कॉर्नियल अब्रेशन)

कॉर्नियल घर्षण (कॉर्निया का घर्षण या कॉर्नियल अब्रेशन)
 
परिचय
 
कॉर्नियल घर्षण आंख के सामने वाले भाग कोर्निया उपकला (पतली शीर्ष परत) की सतह पर एक दर्दनाक कट या खरोंच है। कॉर्नियल घर्षण आमतौर पर आंख की सतह के आघात के परिणामस्वरूप होता हैं। बहुत सारे कॉर्नियल घर्षण को पलकें बंद करना जैसी अंतर्निहित त्वरित सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया से रोका जा सकता है। कॉर्नियल घर्षण से संक्रमण जैसे कि अन्य नाजुक ऊतकों की चोट का जोखिम भी होता है। कॉर्नियल घर्षण बड़े बच्चों में अधिक सामान्य हैं जो कि दृष्टि सुधार के लिए कांटेक्ट लेंस/कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं।
 
कॉर्निया सामान्य दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण है। स्कारिंग या कॉर्नियल ओपेसटी (अपारदर्शिता) दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। ऐसी गतिविधियां करते हुए, जिनसे चोट लगने का जोखिम होता है, सुरक्षात्मक चश्मा पहनकर कॉर्नियल घर्षण को रोका जा सकता है।
 
संदर्भ:
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

लक्षण
 
कॉर्नियल घर्षण के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
दर्द।
 
प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (फोटोफोबिया)।
 
आंसू बहना।
 
बाह्य तत्वों से संवेदनशीलता।
 
लाली।
 
धुंधली दृष्टि।
 
पलकों की सूजन।

कारण
 
कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
उंगली के नाखून से चोट सहित आघात एक सामान्य कारण है।
 
कांटेक्ट लेंस का उपयोग।
 
बाह्य तत्व।
 
रासायनिक चोट।
 
थर्मल चोट।

निदान
 
निदान स्लिट-लैंप के तहत प्रयोगशाला परीक्षण पर निर्भर करता है। परीक्षण वुड लैंप जैसे अल्ट्रा-वायलेट लाइट के पोर्टेबल स्रोत का उपयोग करके भी किया जाता है।
 
कुछ मामलों में कम घर्षण लुप्त हो सकता है, जिसमें फ्लोरोसिसिन सोडियम डाई के साथ स्टेनिंग (अभिरंजन) के बाद मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। आंख के फ्लोरोसिसिन स्टेनिंग (अभिरंजन) के बाद कॉर्नियल घर्षण सामान्य प्रकाश के नीचे पीला और कोबाल्ट से निकलने वाली नीली रोशनी में हरा दिखाई देता है।
 
कॉर्निया में घर्षण के कई लंबवत व्यवस्थित रेखीय निशान ऊपरी पलक के सल्कस में बाह्य तत्वों के रहने के कारण हो सकते हैं। यह ऊपरी पलक के अपरिहार्य झपकने की प्रतिक्रिया के कारण कॉर्नियल सतह को खरोंचता है। कॉर्नियल स्ट्रोमल एडिमा को गंभीर या लंबे समय तक चलने वाले घर्षण के साथ देखा जा सकता है।
 
विभेदक निदान
 
कॉर्नियल घर्षण को निम्नलिखित स्थितियों से अलग किया जा सकता है:
 
हरपीज संक्रमण सहित वायरल केरेटाइटिस।
कॉर्निया में बाह्य तत्व।
संक्रामक केराटाइटिस।
कॉन्जंक्टाइव (आंख के भीतरी भाग की झिल्ली) संक्रमण।
कॉर्नियल घर्षण के कई प्रकरणों के मामलों में आवर्तक कॉर्नियल इरोज़न सिंड्रोम।
कॉर्नियल डिस्ट्रॉफ़िज़ या डीजनेरेशन जैसे कि एपिथीलियमी बेसमेंट डिस्ट्रॉफी आवर्तक कॉर्नियल घर्षण उत्पन्न करती है।
स्कलेराइटिस।
एक्यूट एंगल क्लोज़र ग्लूकोमा
एंटीरियर यूवाइटिस

प्रबंधन
 
प्रबंधन में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
चिकित्सा थेरेपी
 
द्वितीयक संक्रमण रोकने के लिए एंटीबायोटिक आई ड्रॉप और नेत्र मलहम का उपयोग किया जाता है। कांटेक्ट लेंस से संबंधित कॉर्नियल घर्षण के लिए एंटी स्यूडोमोनल टॉपिकल एंटीबायोटिक दवाओं की सिफ़ारिश की जाती है।
 
लुब्रिकेटिंग एजेंट जैसे मिथाइलसेलुलोज आई ड्रॉप।
 
साइक्लोपलेजिक आई ड्रॉप जैसे कि ट्रोपिकामाइड या होमैट्रोपाइन का उपयोग सिलिअरी स्पेज़म के कारण दर्द से राहत दिलाने में किया जाता है।
 
बैंडेज कॉन्टेक्ट लेंसिस लॉर्ज एपिथीलियमी अब्रेशन के मामलों में उपचार को गति देने में मदद करता हैं।
 
अब आंख ढकना (पैचिंग) के साथ पलक को बंद करने की सिफ़ारिश नहीं की जाती है, क्योंकि इससे ऑक्सीजन के प्रवाह में कमी, नमी में वृद्धि और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
 
शल्य चिकित्सा
 
लैगोफथल्मोस से पीड़ित कॉर्नियल घर्षण के रोगी, जिनमें सुधार नहीं हो रहा हैं उनमें टार्सोरैफी की आवश्यकता हो सकती है।

  • PUBLISHED DATE : Apr 01, 2019
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Apr 01, 2019

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