पेट दर्द

पेट दर्द छाती (छाती) और कमर के बीच कहीं भी महसूस किया जा सकता है। यह दर्द हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकता है। यह दर्द हल्का या तीव्र भी हो सकता है।

प्राय: प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में एक बार या कई बार पेट में दर्द महसूस हुआ होगा। अधिकांशत: होने वाले पेट दर्द गंभीर नहीं होते है, लेकिन गंभीर पेट दर्द चिंता का कारण हो सकता है। यदि यह दर्द अचानक और अप्रत्याशित तौर पर शुरू होता है, तो इसे आपातकालीन स्थिति के रूप में माना जाता है तथा उसी के अनुसार इसकी जांच की जाती है।

संदर्भ:

www.nhs.uk

www.nlm.nih.gov

www.nlm.nih.gov

www.ncbi.nlm.nih.gov

पेट में दर्द विभिन्न तीव्रताओं और प्रकृति का हो सकता हैं। यह दर्द निम्नलिखित प्रकार का भी हो सकता है :

  • तेज़ और ऐंठन वाला दर्द।
  • थोड़े समय के लिए होने वाले दर्द, जो कभी होता है और कभी स्वयं समाप्त हो जाता है।
  • उल्टी के साथ दर्द होना।

संदर्भ:

www.nhs.uk

पेट दर्द के साथ विभिन्न तरह की स्थितियों जुड़ी होती है।

पेट दर्द के कारणों में निम्नलिखित शामिल है:

  • कब्ज।
  • इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम।
  • आहार से होने वाली एलर्जी।
  • आहार विषाक्तता।
  • मासिकधर्म के दौरान दर्द।

अचानक और गंभीर होने वाला पेट दर्द:

  • पेट में संक्रमण।
  • एपेंडिसाइटिस/पथरी।
  • पर्फरैटिड पेप्टिक अल्सर।
  • पित्ताशय की पथरी।
  • गुर्दे की पथरी।
  • डायवर्टीकोलाईटिस : पाउच की सूजन, जो कि आंत का हिस्सा है।

   वयस्कों में पेट दर्द होने के अन्य कारण हैं:

  • इर्रिटेबल बोवेल सिंड्रोम।
  • क्रोहन रोग।
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण।
  • दीर्घकालिक पेप्टिक अल्सर।
  • कब्ज।
  • हार्टबर्न और एसिड रीफ्लक्स। 
  • बच्चों में होने वाले सामान्य कारण।
  • कब्ज
  • मूत्र मार्ग में संक्रमण।
  • चिंता
  • हार्टबर्न और एसिड रीफ्लक्स। 

संदर्भ:

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www.nhs.uk

आमतौर पर पेट दर्द समय के साथ स्वयं ठीक हो जाता है, लेकिन यदि यह दर्द कम/ठीक नहीं होता है, तो आपको निम्नलिखित स्थितियों के रहने पर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए:

  • पेट की परेशानी एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहती है।
  • पेट में दर्द चौबीस से अड़तालीस घंटों तक सुधार नहीं होता है या पेट दर्द मतली और उल्टी के साथ अधिक गंभीर और लगातार हो जाता है।
  • सूजन अधिक से अधिक दो दिनों तक बनी रहती है।
  • पेशाब जाने पर होने वाली बढ़होत्तरी या जलन।
  • डायरिया की स्थिति के अधिक से अधिक पांच दिनों तक रहने पर।
  • दर्द के साथ (१०० डिग्री फेरनहाइट से अधिक वयस्कों में या १००.४° एफ बच्चों में) बुख़ार।
  • लंबे समय तक भूख में कमी।
  • लंबे समय तक योनि से रक्तस्राव।
  • अस्पष्टीकृत वज़न में कमी।

संदर्भ :

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आमतौर पर, पेट दर्द का उपचार कारण पर निर्भर करता है।

 

  • आमतौर पर, गैस्ट्रोएसोफ़ेगल रीफ़्लक्स रोग की इन्फ्लैमटॉरी(जीईआरडी) या अल्सर का उपचार दवाओं के साथ किया जाता है।
  • संक्रमण की स्थिति में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग किया जाता है।
  • अपनी खाने की आदतों में बदलाव करें।
  • सर्जिकल उपचार पथरी या हर्निया (वंक्षण और नाल) जैसी स्थितियां उत्पन्न होने पर किया जाता है।
  • किसी भी तरह के उपचार हेतु जाने से पहले चिकित्सक से सलाह लें।

संदर्भ:

www.nlm.nih.gov

  • PUBLISHED DATE : Dec 10, 2015
  • PUBLISHED BY : Zahid
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Dec 10, 2015

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