कोरोनावायरस रोग 2019 (कोविड-19)

 
चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान शहर में 31 दिसंबर, 2019 को अज्ञात एटियलजि के कारण ('अज्ञात कारणों से हुए वायरल निमोनिया के समूह') निमोनिया के मामलों की सूचना मिली थी। 7 जनवरी, 2020 को चीनी प्राधिकारियों ने निमोनिया के प्रकोप के कारण में एक नए प्रकार के कोरोनावायरस की पहचान की, जो कि अब तक खोजे गए किसी भी अन्य मानव कोरोनावायरसिस से अलग है। नए वायरस (स्ट्रेन) को नोवेल कोरोनावायरस (2019-नोवेल कोरोनावायरस) नाम दिया गया है, जिसे पहले मनुष्यों में पहचाना नहीं गया था।
 
आज तक, अन्य छह मानव कोरोनावायरसिस (HCoV) की पहचान की गयी है। इनमें से, चार वैश्विक स्तर पर मानव आबादी में संचारित हो चुके है तथा ये मनुष्य में सामान्य सर्दी-ज़ुकाम के संक्रमण में लगभग एक-तिहाई योगदान करते हैं। सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (सार्स-कोवी कोरोवायरस) और मिडल ईस्ट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (एमईआरएस- कोवी कोरोवायरस), अन्य दो और कोरोनावायरस हैं। इनके कारण सांस के गंभीर रोग होते हैं। सार्स और एमईआरएस जैसे कोरोनावायरसिस पशुजन्यरोग (ज़ूनोटिक) है तथा ये पशुओं (सीविट केट/बिल्लियों, ड्रोमेडरी कैमल/ऊंटों) से मनुष्यों में संचारित होते है। 
 
(सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (सार्स-कोवी कोरोवायरस) की सूचना पहली बार वर्ष 2002-2003 में चीन के गुआंगडोंग में मिली थी और मिडल ईस्ट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (एमईआरएस-कोवी कोरोवायरस) की पहचान पहली बार वर्ष 2012 में सऊदी अरब में की गई थी)।
 
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019‑nCoV) की सटीक ज़ूनोटिक (पशुजन्य) उत्पत्ति अभी भी संदिग्ध है। वायरस की पहचान चीन के वुहान में जीवित पशु बाजार से लिए गए पर्यावरणीय नमूनों में की गयी है तथा कुछ मामले महामारी विज्ञान (एपिडेमियोलॉजी) की दृष्टि से इस बाजार से जुड़ें है।
 
महामारी विज्ञान के प्रमाण दर्शाते है, कि 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019‑nCoV) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचारित होता है। मिडल ईस्ट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (एमईआरएस-कोवी कोरोवायरस) और (सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (सार्स-कोवी कोरोवायरस) जैसे अन्य कोरोनावायरसिस के पिछले प्रकोपों के दौरान मनुष्य-से-मनुष्य में संचारण सबसे अधिक उत्सर्जित बूंदों, व्यक्तिगत संपर्क और दूषित वस्तुओं के माध्यम से हुआ था। 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019‑nCoV) के संचारण के तरीके में इसकी समानता होने की संभावना है।
 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, यह निर्धारित करने के लिए अतिरिक्त जांच की ज़रूरत है, कि रोगी कैसे संक्रमित हुआ? मनुष्य-से-मनुष्य में संचारण की सीमा क्या है? तथा रोग का नैदानिक विस्तार और संक्रमण की भौगोलिक श्रृंखला क्या है?
 
30 जनवरी 2020 को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) (2005) के तहत 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019‑nCoV) के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता मानते हुए एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
 
डब्ल्यूएचओ ने 11 मार्च 2020 को कोविड-19 के प्रकोप को महामारी घोषित किया था। उसके अनुसार यह नियंत्रण योग्य महामारी है। उसने सब देशों से अपनी परिस्थितियों पर विचार करते हुए केंद्रीय स्तंभ के रूप में रोकथाम के उपायों सहित एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।
 

कोविड-19 की अद्यतन स्थिति-27 नवंबर, 2020

डब्ल्यूएचओ द्वारा वैश्विक स्तर पर दिनांक 26 नवंबर, 2020, मध्य यूरोपीय ग्रीष्मकालीन समयानुसार (सीईएसटी) 6.38 बजे

कोविड-19 के कुल मामले (पिछले चौबीस घंटे के दौरान नए मामले)

60,074,174  मामले (577,198)                            1,416,292  मृत्यु (11,263)

 

भारत में कोविड-19 की स्थिति : दिनांक 27 नवंबर, 2020, 08:00 भारतीय मानक समय (ग्रीनविच माध्य समय+5:30) (↑↓ कल से स्थिति में बदलाव)

सक्रिय मामले (4.89%):                                                     455555 (3211↑)

डिस्चार्ज/ठीक हुए/माइग्रेटेड मामले  (93.65%):                  8718517 (39379↑)

मृत्यु (1.46%):                                                                       135715 (492↑)

 

कोविड-19 पर परीक्षण की स्थिति

दिनांक 26 नवंबर, 2020, तक परीक्षण किए गए संचयी नमूनों की कुल संख्या: 13,70,62,749

दिनांक 26 नवंबर, 2020, को परीक्षण किए गए नमूनों की संख्या: 11,31,204 

 
अधिक जानकारी जानने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के 24x7 नियंत्रण कक्ष नंबर +91-11-23978046 पर कॉल कर सकते है या ncov2019@gmail.com पर ईमेल कर सकते है।
 
संदर्भ-

https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019

https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200226-sitrep-37-covid-19.pdf?sfvrsn=6126c0a4_2

Updated on 27 November 2020

 
संक्रमण के सामान्य लक्षण श्वसन संबंधी परेशानियों के रूप में हो सकते है। इस रोग के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल है: 
बुख़ार।
खांसी।
सांस लेने में तकलीफ़।
सांस लेने में परेशानी।
 
अत्यधिक गंभीर मामलों में संक्रमण के कारण निमोनिया, गंभीर एक्यूट रेस्पेटरी सिंड्रोम, गुर्दे की विफलता और यहां तक कि मृत्यु भी हो सकती है
डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञों द्वारा उपयोग की जाने वाली उन्नत विश्लेषिकी और गणितीय मॉडलिंग के अनुसार इसकी ऊष्मायन अवधि (संक्रमण और लक्षण की शुरुआत के बीच का समय) 5-14 दिनों से लेकर 5-6 दिनों तक है और क्रमिक अंतराल परिधि के लिए अनुमानित (प्राथमिक और द्वितीयक मामले में लक्षण की शुरुआत के बीच का समय) 4.4 से 7.5 दिनों तक है।
 
चीन रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र द्वारा चीन के भीतर रिपोर्ट किए गए पुष्ट केसों में मृत्यु दर या सीएफआर (एक समय में एक बिंदु पर पुष्ट मामलों की कुल संख्या से विभाजित मृत्यु की कुल संख्या) 2.3% है। जारी प्रकोप में पुष्ट सीएफआर बदल सकता है। चीन से बाहर रिपोर्ट किए गए पुष्ट मामलों में सीएफआर का अनुमान चीन के भीतर से रिपोर्ट किए गए मामलों की तुलना में कम है।
 
संदर्भ-
 

 

 
‘नोवेल कोरोनवायरस’ कोरोनावायरस की एक नयी नस्ल (स्ट्रेन) है, जिसे पहले मनुष्यों में पहचाना नहीं गया। कोरोनावायरसिस (CoV) कई प्रकार के विषाणुओं (वायरस) का एक समूह है, जिसके कारण सामान्य सर्दी (सर्दी-जुकाम) से लेकर अति गंभीर श्वसन रोगों जैसे कि मिडल ईस्ट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (एमईआरएस-कोवी कोरोवायरस) और (सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (सार्स-कोवी कोरोवायरस) होता है।
 
कोरोनावायरसिस पशुजन्य (ज़ूनोटिक) है। इसका मतलब यह है, कि यह पशुओं और मनुष्यों के बीच संचारित हो सकता है। पिछले परीक्षण दर्शाते है, कि सार्स-कोवी कोरोवायरस (सीविट केट) बिल्लियों से मनुष्यों और एमईआरएस-कोवी कोरोवायरस (ड्रोमेडरी कैमल) ऊंटों से मनुष्यों में संचारित हुआ था।
 
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) की उत्पत्ति के बारे में अभी भी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। वायरस को चीन के वुहान शहर में जीवित पशु बाजार से लिए गए पर्यावरणीय नमूना में पहचाना गया है तथा कुछ मामले महामारी विज्ञान (एपिडेमियोलॉजी) की दृष्टि से इस बाजार से जुड़ें है।
 
संचारण का तरीका:
महामारी विज्ञान के प्रमाण से दर्शाते है, कि 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचारित हो सकता है। मिडल ईस्ट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (एमईआरएस- कोवी कोरोवायरस) और सीवियर एक्युट रेस्पायरेटरी सिंड्रॉम कोरोनावायरस (सार्स-कोवी कोरोवायरस) जैसे अन्य कोरोनावायरसिस के पिछले प्रकोपों के दौरान मनुष्य-से-मनुष्य में संचारण बूंदों, व्यक्तिगत संपर्क और दूषित वस्तुओं के माध्यम से सबसे अधिक हुआ था। 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) के संचारण के तरीके में इसकी समानता होने की संभावना है।
 
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संचारित हो सकता है। यह वायरस सामान्यत: संक्रमित रोगी के साथ निकट संपर्क के बाद संचारित होता है। इसके साथ-ही-साथ संक्रमित घर, कार्यस्थल या स्वास्थ्य देखभाल केंद्र के माध्यम से भी संचारित हो सकता है। 
 
संदर्भ-

 

निम्नलिखित के माध्यम से 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) का पता लगाया जाता है:
 
आणविक परख (मौलिक्युलर अर्से): इसमें 2019-नोवेल कोरोनावायरस का पता ऊपरी श्वसन पथ से नेज़ोफ़ेरिंजियल (नाक) और ऑरोफरीन्जियल (मुंह) स्वाब (फाहे) और निम्न श्वसन पथ से बलगम (यदि संभव हों, तो खांसी से पीड़ित रोगियों में) तथा या अधिक गंभीर श्वसन रोगों से पीड़ित रोगियों में एंडोट्रेहील एस्पिरेट या ब्रोंकोल्वेलर लावेज के माध्यम से लगाया जाता है।
 
सेरोलॉजिकल परीक्षण: जांच के अंतर्गत मामलों से दो सीरम के नमूनों (तीव्र और स्वास्थ्यलाभ के चरण में) से सेरोलॉजिकल परीक्षण किया जा सकता है। (ऊपर वाले परीक्षण के अलावा, केवल सेरोलॉजिकल अरसे वास्तविक कार्योत्पादक एजेंट की पहचान में सहयोग करता है)।
 
नमूनों को इकट्ठा करते समय पर्याप्त संक्रमण नियंत्रण उपायों को बनाए रखा जाना चाहिए।  राष्‍ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे, भारत उन पंद्रह प्रयोगशालाओं में से एक है, जिनकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की गई है, जो कि 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) के लिए परीक्षण सुविधा प्रदान करता है।
 
अधिक जानकारी जानें:
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) के लिए ‘नमूना संग्रह, पैकेजिंग और परिवहन’ दिशानिर्देशों के लिए यहां पर क्लिक करें
भारत में 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019 nCoV) के लिए राज्य नोडल विषाणु अनुसंधान एवं नैदानिक प्रयोगशाला (VRDLs) की सूची के लिए यहां पर क्लिक करें
 
संदर्भ-
 

2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019 nCoV) संक्रमण के लिए अनुशंसित कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है। 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019 nCoV)  से संक्रमित लोगों को लक्षणों से राहत पाने के लिए सहायक देखभाल प्राप्त करनी चाहिए। गंभीर मामलों के उपचार में महत्वपूर्ण अंगों (अंगों की कार्यप्रणाली) की देखभाल शामिल है।
 
वे लोग, जो ये सोचते है कि वे 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019 nCoV)   के संपर्क में आ चुकें हैं, उन्हें संक्रमण के आगे होने वाले संचारण को रोकने के लिए निवारक उपाय अपनाने चाहिए और यदि लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत अपने स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्रदाता से संपर्क करना चाहिए।
 
संदर्भ-

 

वर्तमान में 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) संक्रमण को रोकने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। संक्रमण रोकने का सबसे अच्छा तरीका इस वायरस के संपर्क में आने से बचना है। सांस के माध्यम से वायरस का प्रसारण रोकने में सहयोग के लिए नियमित रोज़ निवारक क्रियाओं का पालन करना चाहिए। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
 
अपने हाथों को अक्सर साबुन और पानी से कम से कम बीस सेकंड तक धोएं। यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो हाथों को साफ़ करने के लिए अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें, जिसमें कम से कम साठ प्रतिशत अल्कोहल हों।
बिना धुले हाथों से अपनी आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
रोगियों के नज़दीकी संपर्क से बचें।
खांसते या छींकते समय अपना मुंह टिश्यू से ढकें तथा टिश्यू को कचरे में फेंक दें।
जिन सतहों/चीजों को बार-बार छुआ जाता है, उन्हें साफ़ और कीटाणुरहित रखें।
अपने और अन्य लोगों, जो कि खांस रहे है, छींक रहे है और बुखार से पीड़ित है, उनसे कम से कम एक मीटर (तीन फीट) की दूरी बनाए रखें।
यदि आप हल्के श्वसन लक्षणों से पीड़ित है और आपके पास कोरोनावायरस (कोविड-19) पुष्ट स्थान की यात्रा का इतिहास नहीं है या आप कोविड-19 से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में भी नहीं आये है, तो आप सावधानीपूर्वक बुनियादी श्वसन शिष्टाचार अपनाएं एवं अपने हाथों की स्वच्छता बनाए रखें तथा जब तक आप ठीक नहीं हो जाते, तब तक घर पर स्वास्थ्य लाभ लें। 
 
पशु बाजारों, आर्द्र बाजारों या पशु उत्पाद बाजारों का दौरा करते समय सावधानी बरते और सामान्य स्वच्छता उपायों का पालन करें-
· जानवरों और पशु उत्पादों को छूने के बाद अपने हाथों को साबुन और पीने योग्य पानी से अच्छी तरह से धोएं।
·हाथों से अपनी आंख, नाक और मुंह को छुने से बचें।
·बीमार पशुओं और सड़े-गले (ख़राब) पशु उत्पादों के संपर्क से बचें।
· बाजार में अन्य जानवरों (जैसे, आवारा बिल्लियों और कुत्तों, कृन्तकों, पक्षियों, चमगादड़ों) के साथ किसी भी तरह के संपर्क से सख्ती से बचें।
· संभावित दूषित पशु अपशिष्ट या दुकानों और बाजारों की संरचनाओं एवं मिट्टी पर पड़े पशुओं के तरल पदार्थों के संपर्क से बचें।
 
कच्चे या अधपके पशु उत्पादों के उपभोग से बचें: बेहतर खाद्य सुरक्षा पद्धति के अनुसार बिना पके हुए खाद्य पदार्थों के साथ क्रॉस-संदूषण (अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने पर होने वाला संक्रमण) रोकने के लिए कच्चे मांस, दूध या पशु अंगों को पके आहार से अलग रखें।
 
यदि आप बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई से पीड़ित है, तो जल्द से जल्द स्वास्थ्य चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें और अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता को बताएं, यदि आपने चीन के किसी क्षेत्र की यात्रा की है, जहां 2019-नोवेल कोरोनावायरस का प्रकोप हुआ था या आप किसी ऐसे व्यक्ति के निकट संपर्क में हैं, जिसने पिछले चौदह दिनों के भीतर चीन की यात्रा की हों।
 
संपर्कों की पिछले असुरक्षित संपर्क से चौदह दिनों तक निगरानी की जानी चाहिए।
 
निम्नलिखित में से किसी एक भी गतिविधि में संलिप्त व्यक्ति कोरोनावायरस का स्रोत हो सकता है:
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) से पीड़ित रोगियों की प्रत्यक्ष देखभाल प्रदान करने वालों, नोवेल कोरोनवायरस से संक्रमित के साथ कार्य करने वाले स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्त्ताओं या 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) रोगी के निकट वातावरण में जाने या रोगियों का दौरा करने वालों।
2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) रोगी के नज़दीकी वातावरण में कार्य करना या उसके साथ कक्ष-साझा करना।
किसी भी प्रकार के परिवहन में 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV) से पीड़ित रोगी के साथ यात्रा करना।
विचाराधीन मामले में लक्षणों की शुरुआत के बाद चौदह दिनों की अवधि तक 2019-नोवेल कोरोनावायरस (2019-nCoV)  रोगी के रूप में घर में रहना।
बुजुर्गों और पूर्व-मौजूदा स्थितियों से पीड़ित लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह:
जब भी आपके अपने घर में आगंतुक आते हैं या हों, तो उनसे कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें तथा अभिवादन के लिए हाथ से इशारा, सिर हिलाना या सिर झुकाना जैसे तरीकें अपनाएं।
आगंतुकों और जो आपके साथ रहते है, उनसे हाथ धोने के लिए कहें।
घर के सदस्य, जिन सतहों/चीजों को बार-बार छुते है, उन सतहों/चीजों को नियमित रूप से साफ़ और कीटाणुरहित रखें।
यदि आप जिस किसी के साथ रहते हैं, वह अच्छा महसूस नहीं कर रहा है (विशेषकर संभावित कोविड-19 लक्षणों के साथ), तो अपने द्वारा साझा किए गए जाने स्थान को सीमित करें।
यदि आप कोविड-19 के लक्षणों से बीमार हो जाते हैं, तो अपने स्वास्थ्य देखभाल सुविधा केंद्र पर जाने से पहले स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से टेलीफोन पर संपर्क करें।
अपने समुदाय में कोविड-19 के प्रकोप से निबटने के लिए योजना बनाएं।
जब भी आप घर से बाहर सार्वजनिक स्थान पर जाते हैं, तो उसी प्रकार निवारक दिशानिर्देशों का पालन करें जिस तरह के दिशा-निर्देशों का पालन आप घर पर करते है।
विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी का उपयोग करके अद्यतन रहें।
कोरोनावायरस रोग के संचारण को जन स्वास्थ्य उपायों के माध्यम से रोका और नियंत्रित किया जा सकता है, जैसे कि
मामलों की त्वरित पहचान, निदान और प्रबंधन।
नज़दीकी संपर्कों और स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं के बीच द्वितीयक संक्रमण कटौती सहित मनुष्य-से-मनुष्य में संचारण को निम्नलिखित के माध्यम से कम किया जा सकता है, जैसे कि
o संपर्कों की पहचान और उनकी जांच करना।
o स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों (अस्पताओं) में संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण।
यात्रियों के लिए स्वास्थ्य उपायों का कार्यान्वयन।
जनसंख्या और ज़ोखिम से पीड़ित आबादी में जागरूकता बढ़ाना।
संचारण की बढ़ती घटनाएं रोकना।
चीन से बाहर अंतरराष्ट्रीय संचारण रोकना।
 
संदर्भ-

 

  • PUBLISHED DATE : May 04, 2020
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Nov 27, 2020

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