रूबेला

परिचय
 
रूबेला (इसे जर्मन खसरा के नाम से भी जाना जाता है) वायरल संक्रमण है, जो कि सामान्यत: बच्चों में होता है। रूबेला सामान्यत: एक हल्का संक्रमण है। आमतौर पर यह वयस्कों में न्यूनतम प्रणालीगत परेशानी के साथ घातक हो सकता है, हांलाकि इससे अस्थायी संधिरोग (जोड़ों में दर्द) हो सकता है। गंभीर जटिलताओं जैसे कि त्वचा की क्षति बेहद दुर्लभ है। विकासशील भ्रूण में नाल के माध्यम से संक्रमण के प्रभाव को छोड़कर, रूबेला एक मामूली संक्रमण है।
 
अर्जित (जो कि जन्मजात नहीं हैं) रूबेला, सक्रिय मामलों के ऊपरी श्वसन पथ से वायु में उत्सर्जित छोटी बूंदों के माध्यम से फैलता है (रूबेला से पीड़ित रोगी की सांस से फैलता है)। यह वायरस मूत्र, मल और त्वचा में उपस्थिति हो सकता है।
 
संदर्भ:
 

लक्षण 
 
इसकी ऊष्मायन अवधि दो से तीन सप्ताह होती है। इसके लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
  • फ्लू के समान लक्षण।
  • सूखे लाल-गुलाबी दाने।
  • सूजन वाले लिम्फ नोड्स।
  • अधिक तापमान।
संदर्भ:
 

कारण
 
रूबेला रोग रूबेला वायरस (टोगा वायरस) के कारण होता है। वायरस संक्रमित व्यक्ति की बूंदों से असंक्रमित व्यक्ति में हवा के माध्यम से फैलता है।
 
संदर्भ: 
 

निदान
 
रक्त परीक्षण:
  • एंटीबॉडी के लिए रक्त परीक्षण किया जाता है, जैसे कि:
  • नये रूबेला संक्रमण के लिए आईजीएम एंटीबॉडी उपस्थित होगाI
  • आईजीजी एंटीबॉडी पिछले रूबेला संक्रमण या इसके खिलाफ़ टीकाकरण में उपस्थित हो सकता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को संक्रमण हैI यदि कोई भी एंटीबॉडी उपस्थित नहीं है, तो रूबेला संक्रमण नहीं है और इसके खिलाफ़ कोई प्रतिरक्षण नहीं है।
 
संदर्भ:
 

प्रबंधन 
 
आमतौर पर रोगसूचक उपचार प्रदान किया जाता है। इबुप्रोफेन/पेरासिटामोल सामान्यत: दर्द और बुख़ार को दूर करने के लिए दिया जाता हैं। रोगियों को अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है।
 
संदर्भ:
 

 

जटिलताएं
 
जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सीआरएस)।
  • जन्मजात रूबेला सिंड्रोम (सीआरएस) के कारण अजन्मे बच्चे में निम्नलिखित समस्याएं हो सकती है:
  • मोतियाबिंद (आँख के लेंस में धुंधले धब्बे) तथा अन्य नेत्र दोष।
  • बहरापन। 
  • जन्मजात हृदय रोग (जिसमें हृदय सही तरीके से विकसित नहीं होता है)।
  • शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में सिर का छोटा होना, जैसा कि मस्तिष्क पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है। 
  • सामान्य विकास दर की तुलना में विकास की धीमी गति। 
  • मस्तिष्क, यकृत, फेफड़े या अस्थि मज्जा की क्षति। 
संदर्भ:
 

रोकथाम 
 
रुबले को खसरा, कण्ठमाला और रूबेला (एमएमआर) टीकों के साथ प्रतिरक्षित किया जाता है। खसरे के लिए टीकाकरण में दो खुराक शामिल हैं, जिसमें पहली खुराक बारह से पंद्रह महीने की अवस्था तक दी जानी चाहिए तथा इसके चार सप्ताह के अंतराल के बाद दूसरी खुराक सामान्यत: चार से छह वर्ष की अवस्था तक दी जानी चाहिए।
 
संदर्भ:
 

  • PUBLISHED DATE : Sep 13, 2017
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Sep 13, 2017

Discussion

Write your comments

This question is for preventing automated spam submissions
The content on this page has been supervised by the Nodal Officer, Project Director and Assistant Director (Medical) of Centre for Health Informatics. Relevant references are cited on each page.