गोनोरिया

परिचय 
 
प्रमेह/सूजाक या गोनोरिया एक यौन संचारित रोग है जो कि नीसेरिया गानोरिआ नामक जीवाणु के कारण होता है। यह वयस्कों में सबसे अधिक सामान्य है। गोनोरिया का कारण जीवाणु है। यह जीवाणु जननांग पथ, मुंह या गुदा को संक्रमित कर सकता है। गोनोरिया सामान्यत: संक्रमित साथी के साथ योनि, मुख या गुदा के संपर्क से फैल सकता है। गर्भवती महिला बच्चे के जन्म के दौरान उसमें संक्रमण पारित कर सकती है। पुरुषों में पेशाब करते समय जलन और लिंग निर्वहन (लिंग से सफ़ेद, पीला या हरा स्राव) होता है। दूसरी ओर महिलाओं में गोनोरिया के किसी भी प्रत्यक्ष लक्षण का विकास नहीं होता है या योनि स्राव और पेडू (पैल्विक) में तेज़ दर्द होता है। यदि पुरुषों और महिलाओं दोनों में गोनोरिया का उपचार नहीं किया जाता है, तो इसके फैलने के कारण अधिवृषण (एपिडिडिमिस) या पेडू (पैल्विक) सूजन रोग या पूरे शरीर में फैलाव, जोड़ों और हृदय वाल्व को प्रभावित करता है।
 
संदर्भ: 
 

लक्षण
 
पुरुष: गोनोरिया से पीड़ित पुरुषों में नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं:
  • लिंग की नोक से असामान्य सफेद, पीले या हरे रंग का निर्वहन (द्रव निकलना)।
  • पेशाब के दौरान दर्द या जलन।
  • शिश्नाग्रच्छद (फोरस्किन) की सूजन।
  • अंडकोष या प्रोस्टेट ग्रंथि में दर्द एवं पीड़ा (हालांकि बेहद कम) होता है।
महिलाएं: गोनोरिया से पीड़ित महिलाओं में निम्नलिखित लक्षणों हो सकते हैं:
  • योनि से असमान्य गाढ़ा द्रव निकलना, जो कि हरा या पीले रंग का हो सकता है।
  • पेशाब करते समय दर्द होना।
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द या पीड़ा (यह बेहद कम सामान्य है)।
  • मासिक धर्म के बीच में खून बहना या मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्त (बेहद कम) बहना।
पुरुष और महिला: पुरुष और महिला दोनों के शरीर के अन्य हिस्सों में गोनोरिया फ़ैल सकता हैं। 
 
इसके संक्रमण में शामिल है: 
  • यदि गुदा में होता है, तो गुदा के आसपास या भीतर दर्द, परेशानी या निर्वहन (द्रव निकलता) है।
  • गला, जिसमें सामान्यत: कोई लक्षण नहीं होते हैं।
  • आंखें, जिनमें दर्द, सूजन, चिड़चिड़ापन और निर्वहन (नेत्रश्लेष्मलाशोथ) हो सकता है।
संदर्भ: 
 

कारण
 
गोनोरिया, नीसेरिया गानोरिआ नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। गोनोरिया संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में योनि, मुख या गुदा संपर्क के माध्यम से फैलता है। बैक्टीरिया सामान्यत: संक्रमित पुरुषों व महिलाओं की योनि से निकलने वाले द्रव एवं लिंग निर्वहन (द्रव निकलना) में पाया जाता है। गर्भवती महिलाएं जन्म के दौरान गोनोरिया को अपने बच्चे में पारित कर सकती हैं। वे आंखों (नेत्रश्लेष्मलाशोथ) के संक्रमण से पीड़ित नवजात शिशु को जन्म दे सकती है। यदि इसका उपचार न किया जाएं, तो बच्चा अंधा हो सकता है।
 
संदर्भ: 
 

निदान
 
गोनोरिया का पता ग्राम प्रणाली या बैक्टीरिया कल्चर से लगाया जाता है, हालांकि आधुनिक पोलीमरेज़ श्रृंखला प्रतिक्रिया (पीसीआर) आधारित परीक्षण विधियां अधिक सामान्य हैं। आगे निदान और पुष्टि के लिए कृपया अपने चिकित्सक से सलाह लें।
 
संदर्भ:
 
 
 

प्रबंधन
 
गोनोरिया के लिए जल्दी से उपचार लेना महत्वपूर्ण है। गोनोरिया का उपचार सामान्यत: निम्न में से किसी एक एंटीबायोटिक दवाओं की एकल ख़ुराक से किया जा सकता है:
  • सेफट्राईएक्सोन।
  • सेफीक्सीम।
  • स्पेक्टिनोमाइसिन।
यौन साथी को भी गोनोरिया के लिए उपचार लेना चाहिए, हालांकि स्त्री/पुरुष में कोई लक्षण हो या लक्षण न हो।
 
उपचार के लिए कृपया अपने चिकित्सक से सलाह लें।
 
संदर्भ: 
 

रोकथाम 
 
संक्रमण के ज़ोखिम को कंडोम का उपयोग करके और असंक्रमित व्यक्ति के साथ परस्पर अपने साथी के प्रति वफादार रहकर (मोनोगैमी, केवल एक साथी के साथ सेक्स) काफी कम किया जा सकता है।
 

  • PUBLISHED DATE : Apr 26, 2018
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Apr 26, 2018

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