एथेरोसिलेरोसिस या धमनीकाठिन्य

Atherosclerosis or arteriosclerosis
 
introduction
 
एथेरोस्क्लेरोसिस एक रोग है, जिसमें आपकी धमनियों के अंदर ‘प्लाक’ बनने लगता है। धमनियां ऑक्सीजन युक्त रक्त को आपके हृदय और शरीर के अन्य हिस्सों में ले जाती हैं।
वसा, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और रक्त में पाए जाने वाले अन्य पदार्थों से ‘प्लाक’ का निर्माण होता है। समय के साथ ‘प्लाक’ आपकी धमनियों को कठोर और संकीर्ण बना देता है तथा यह आपके अंगों और शरीर के अन्य भागों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बाधित करता है।
 
एथेरोस्क्लेरोसिस से गंभीर समस्याएं जैसे कि हृदयाघात (दिल का दौरा), मस्तिष्क आघात (स्ट्रोक) या फिर मृत्यु भी हो सकती है।
 
संदर्भ:
 

लक्षण 
 
एथेरोस्क्लेरोसिस के संकेत और लक्षण सामान्यत: तब तक दिखाई नहीं पड़ते है जब तक कि धमनियां गंभीर रूप से संकीर्ण या पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं हो जाती है। अधिकांश लोगों को तब तक पता नहीं होता है जब तक कि कोई चिकित्सीय आपातकाल जैसे कि हृदयाघात (दिल का दौरा) या मस्तिष्क आघात (स्ट्रोक) न हो, कि वे एथेरोस्क्लेरोसिस से पीड़ित है।
 
कुछ लोग रोग के संकेतों और लक्षणों से पीड़ित हो सकते हैं। संकेत और लक्षण इस बात पर निर्भर करते है कि कौन सी धमनियां प्रभावित हैं?
 
कोरोनरी धमनियां
 
कोरोनरी धमनियां ऑक्सीजन युक्त रक्त को आपके हृदय में ले जाती हैं। यदि प्लाक इन धमनियों (कोरोनरी हृदय रोग या सीएचडी) को कठोर या संकीर्ण करता है, तो यह एनजाइना या हृदयघात (सीने/छाती में दर्द) उत्पन्न हो सकता है। इसके कारण एनजाइना सीने में दर्द या बेचैनी/असुविधा होती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिलता है।
 
एनजाइना सीने में दबाव या निचोड़न (सीने को निचोड़ा जा रहा है) की तरह हो सकता है। कंधे, बाह, गर्दन, जबड़े या पीठ में भी दर्द महसूस हो सकता है। एनजाइना का दर्द अपच के दर्द की तरह भी महसूस हो सकता है। दर्द गतिविधि से और ख़राब (बढ़) हो जाता है तथा आराम करने से ठीक हो जाता है। भावनात्मक तनाव भी दर्द को ट्रिगर कर सकता है। 
 
कोरोनरी हृदय रोग (कोरोनरी आर्टरी डिजीज़) का अन्य सामान्य लक्षण सांस की तकलीफ़ है तथा ‘अनियमित दिल की धड़कन’ (हृदय अतालता) हृदयगति या दर के साथ समस्याएं है।
‘प्लाक’ हृदय की सबसे छोटी धमनियों में भी विकसित हो सकता है। इस रोग को कोरोनरी माइक्रोवेस्क्यूल डिजीज़ (एमवीडी) कहा जाता है। कोरोनरी एमवीडी के लक्षणों में एनजाइना, सांस की तकलीफ़, सीने में दर्द, थकान (थकावट) और ऊर्जा में कमी शामिल हैं।
 
कैरोटिड धमनी
 
कैरोटिड धमनियां मस्तिष्क को ऑक्सीजन युक्त रक्त पहुंचाती हैं। यदि प्लाक इन धमनियों को कठोर या संकीर्ण करता है, (रोग जिसे, कैरोटिड धमनी रोग कहा जाता है), तो किसी व्यक्ति में मस्तिष्क आघात (स्ट्रोक) के लक्षण हो सकते हैं। इन लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
 
अचानक कमजोरी।
पक्षाघात/लकवा (चलने-फिरने में असमर्थता) या चेहरे, बाह या पैर की सुन्नता, विशेषकर शरीर के एक तरफ़। 
भ्रम।
बोलने या समझने में परेशानी।
एक या दोनों आंखों से देखने में परेशानी।
सांस लेने में तकलीफ़।
चक्कर आना, चलने में परेशानी, संतुलन या समन्वय में कठिनाई और अचानक गिर जाना।
बेहोशी।
अचानक और गंभीर सिरदर्द।
 
परिधीय धमनी (पेरिफेरल आर्टरी)
 
‘प्लाक’ ऑक्सीजन युक्त रक्त को पैर, बाह और कूल्हा/पेल्विस (जिसे परिधीय धमनी रोग भी कहा जाता है) में ले जाने वाले प्रमुख धमनियों में भी बन सकता है। यदि ये प्रमुख धमनियां संकुचित या अवरुद्ध हो जाती हैं, तो व्यक्ति को सुन्नता, दर्द और कभी-कभी ख़तरनाक संक्रमण हो सकता है।
 
वृक्क धमनियां/गुर्दे की धमनियां
 
वृक्क धमनियां/गुर्दे की धमनियां ऑक्सीजन युक्त रक्त को गुर्दों में ले जाती हैं। यदि प्लाक इन धमनियों में बनता है, तो किसी व्यक्ति में दीर्घकालिक गुर्दा रोग (क्रोनिक किडनी रोग) विकसित हो सकता है। समय के साथ दीर्घकालिक गुर्दा रोग के कारण गुर्दे की कार्यप्रणाली धीरे-धीरे कम हो जाती है।
 
प्रारंभिक गुर्दे के रोग में अक्सर कोई संकेत या लक्षण नहीं होते हैं। रोग के बढ़ने पर थकान, पेशाब की मात्रा में बदलाव (पेशाब की ज़्यादा या कम मात्रा), भूख में कमी, मतली (पेट में रोग महसूस होना), हाथों या पैरों में सूजन, खुजली या सुन्नता तथा एकाग्रता में परेशानी हो सकती है।

कारण
 
एथेरोस्क्लेरोसिस का निश्चित कारण ज्ञात नहीं है। हालांकि, अध्ययन से पता चलता है, कि एथेरोस्क्लेरोसिस एक धीमा, जटिल रोग है, जिसकी शुरूआत बचपन में ही हो जाती है। आपकी आयु बढ़ने के साथ ये तेज़ी से बढ़ता है।
 
एथेरोस्क्लेरोसिस तब शुरू होता है, जब कुछ कारक धमनियों की भीतरी परतों को क्षतिग्रस्त कर देते है। इन कारकों में निम्नलिखित शामिल है: 
 
धूम्रपान।
रक्त में कुछ प्रकार के वसा और कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा।
उच्च रक्तचाप।
इंसुलिन प्रतिरोध या मधुमेह के कारण रक्त में शर्करा की अधिक मात्रा।
 
ज़ोखिम के कारक
 
एथेरोस्क्लेरोसिस का निश्चित कारण ज्ञात नहीं है लेकिन रोग के लिए कुछ लक्षण, स्थिति या आदतें ज़ोखिम उत्पन्न कर सकती हैं। इन स्थितियों को ज़ोखिम के कारकों के रूप में जाना जाता है। आप जितने अधिक ज़ोखिम के कारकों से संबंधित है, उतनी ही आपमें एथेरोस्क्लेरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है।
 
ज़ोखिम के प्रमुख कारक
 
अस्वास्थ्यकर रक्त कोलेस्ट्रॉल का स्तर: इसमें अधिक घनत्व एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (कभी-कभी "ख़राब/बुरा" कोलेस्ट्रॉल) और कम घनत्व एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (कभी-कभी "अच्छा" कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है) शामिल है।
 
उच्च रक्तचाप: यदि रक्तचाप लंबे समय तक 140/90 mmHg पर या इससे ऊपर होता है, तो इसे उच्च रक्तचाप माना जाता है। यदि आप मधुमेह या दीर्घकालिक गुर्दा रोग से पीड़ित है, तो उच्च रक्तचाप को 130/80 mmHg पर या उससे अधिक माना जाता है (एमएमएचजी, पारे का मिलीमीटर है- इस इकाई का उपयोग रक्तचाप मापने के लिए किया जाता है)।
 
धूम्रपान: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और वाहिकाओं में जकड़न कर सकता है तथा कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा सकता है एवं रक्तचाप बढ़ा सकता है। धूम्रपान भी शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचने देता है।
 
इंसुलिन प्रतिरोध: यह स्थिति तब होती है, जब शरीर इंसुलिन का पर्याप्त उपयोग नहीं कर पाता है। इंसुलिन शरीर में बनने वाला एक तरह हार्मोन होता है। शरीर को शक्ति प्रदान करने के लिए रक्त के माध्यम से कोशिकाओं में ग्लूकोज (शर्करा) पहुंचाने का काम इंसुलिन की मदद से पूरा होता है। इंसुलिन प्रतिरोध से मधुमेह हो सकता है।
 
मधुमेह: इस रोग से शरीर का रक्त शर्करा स्तर बहुत अधिक हो जाता है, क्योंकि शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है या इंसुलिन का पर्याप्त उपयोग नहीं करता है।
 
अधिक वज़न या मोटापा: "अधिक वज़न" और "मोटापा" शब्द शरीर के वज़न को दर्शाता हैं, जो कि निश्चित लंबाई के लिए स्वस्थ माने गए वज़न से अधिक होता है। 
 
शारीरिक गतिविधि की कमी: शारीरिक गतिविधि की कमी एथेरोस्क्लेरोसिस के अन्य ज़ोखिम के कारकों जैसे कि अस्वास्थ्यकर रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अधिक वज़न और मोटापे को ख़राब/बढ़ा सकती है।
 
अस्वास्थ्यकर आहार: अस्वास्थ्यकर आहार एथेरोस्क्लेरोसिस के ज़ोखिम को बढ़ा सकता है। खाद्य पदार्थ, जिनमें संतृप्त और ट्रांस वसा, कोलेस्ट्रॉल, सोडियम (नमक) और शर्करा भरपूर मात्रा में होता हैं, एथेरोस्क्लेरोसिस के अन्य ज़ोखिम के कारकों को बढ़ा सकते हैं।
 
वृद्धावस्था: जैसे-जैसे कोई वृद्ध होता है, एथेरोस्क्लेरोसिस के लिए ज़ोखिम बढ़ता है। आनुवांशिक या जीवनशैली कारक बढ़ती उम्र के साथ धमनियों में पलाक का निर्माण करते हैं। जब तक आप अधेड़ या वृद्ध होते हैं, तब तक संकेत या लक्षणों के कारण पर्याप्त पलाक का निर्माण हो जाता है। पुरुषों में पैंतालीस वर्ष की आयु के बाद ज़ोखिम बढ़ जाता है। महिलाओं में पचपन वर्ष की आयु के बाद ज़ोखिम बढ़ जाता है।
 
प्रारंभिक हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास: यदि आपके पिता या भाई में पचपन वर्ष की आयु से पहले हृदय रोग का पता चला था या यदि आपकी मां या बहन में पैंसठ वर्ष की आयु से पहले हृदय रोग का पता चला था, तो आपमें एथेरोस्क्लेरोसिस का ज़ोखिम बढ़ जाता है ।

निदान
 
शारीरिक परीक्षण: शारीरिक परीक्षण मंद या अनुपस्थित नाड़ी (जैसे पैर या टांग में) दिखा सकती है। मंद या अनुपस्थित नाड़ी अवरुद्ध धमनी का संकेत हो सकता है।
 
नैदानिक परीक्षण: एथेरोस्क्लेरोसिस का निदान करने के लिए एक या अधिक परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है। परीक्षणों द्वारा निर्धारित रोग की अधिकता, उपचार योजना बनाने में मदद करती है।
 
रक्त परीक्षण: रक्त परीक्षण के दौरान रक्त में कुछ वसा, कोलेस्ट्रॉल, शर्करा और प्रोटीन के स्तर की जाँच करते हैं। असामान्य स्तर एक संकेत हो सकता है कि आपमें एथेरोस्क्लेरोसिस का ज़ोखिम हैं।
 
ईसीजी (ईसीजी को इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम भी कहते हैं): ईसीजी सीएचडी के कारण होने वाले हृदय नुकसान के लक्षण दिखा सकता है। परीक्षण पिछले या वर्तमान हृदयाघात (दिल के दौरे) के लक्षण भी दिखा सकता है।
 
छाती का एक्स–रे या सीने का एक्स-रे:सीने/छाती एक्स-रे आपके सीने के अंदर के अंगों और संरचनाओं जैसे कि आपके हृदय, फेफड़े और रक्त वाहिकाओंकी तस्वीरें लेता है। छाती का एक्स-रे दिल की विफलता के लक्षण प्रकट कर सकता है।
 
एंकल/ब्रेकियल इंडेक्स: आपका रक्त कितने बेहतर तरीके से बह रहा है, यह देखने के लिए यह परीक्षण आपके टखने के रक्तचाप की तुलना बांह के रक्तचाप से करता है। यह परीक्षण पी.ए.डी (पेरिफेरल आर्टरी डिजीज) के निदान में मदद कर सकता है।
 
अन्य परीक्षण: अन्य परीक्षणों का अध्ययन यह देखने के लिए किया जाता है कि वे धमनियों में निर्मित पलाक को बेहतर दिखा सकते हैं या नहीं। इन परीक्षणों के उदाहरणों में मैग्नेटिक रेज़ोनेंस एंजियोग्राफी (एमआरआई) और पॉज़िट्रॉन उत्सर्जन टोमोग्राफी (पीईटी) शामिल हैं।

प्रबंधन
 
एथेरोस्क्लेरोसिस के प्रबंधन में हृदय-स्वस्थ जीवन शैली में बदलाव, दवाएं और चिकित्सा प्रक्रियाएं या शल्य चिकित्सा शामिल हो सकती हैं। उपचार के उद्द्देश्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
 
रक्त का थक्का बनने के ज़ोखिम को कम करना।
एथेरोस्क्लेरोसिस से संबंधित रोगों को रोकना।
प्लाक के निर्माण को कम या रोकने के लिए ज़ोखिम के कारकों को कम करना।
राहत देने वाले लक्षण।
पलाक युक्त धमनियों को चौड़ा या बाईपास करना।
 
दवाएं:
 
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कभी-कभी केवल जीवनशैली में बदलाव पर्याप्त नहीं होता है। उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति के कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित या कम करने के लिए स्टैटिन दवाओं की आवश्यकता हो सकती है। रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होने से व्यक्ति को हृदयाघात (दिल का दौरा) या मस्तिष्क आघात (स्ट्रोक) होने की संभावना कम होती है।
 
चिकित्सा प्रक्रिया और शल्य चिकित्सा/सर्जरी:
 
गंभीर एथेरोस्क्लेरोसिस से पीड़ित रोगियों को चिकित्सा या शल्य चिकित्सा प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

रोकथाम
 
Action to control risk factors helps in preventing or delaying atherosclerosis and related diseases. The likelihood of atherosclerosis will increase as the risk factors are more in you.
 
If you are suffering from atherosclerosis, then the doctor can provide medical advice along with changes in heart-healthy lifestyle. Cardiovascular lifestyle changes include cardiovascular diet, maintaining healthy weight, stress management, physical activity and quitting smoking.
 
Heart-healthy diet
 
Physicians can recommend a heart-healthy diet, which includes the following:
 
Fat-free or low-fat milk products, such as skim milk (cream free milk).
Eggs containing omega-3 fatty acids such as salmon, tuna, trout, fish twice a week.
Fruits, such as apples, bananas, oranges, pears and prunks i.e. dry plummer.
Legumes, such as rajma, lentil pulses / lentils, gram, cowpea and lima beans.
Vegetables, such as broccoli, cabbage and carrots.
Whole grains, such as oatmeal (diet), brown rice (brown rice) and corn tortillas.
 
Maintaining healthy weight
 
Maintaining a healthy weight is important for overall health and it reduces the risk of coronary heart disease. The Body Mass Index (BMI) helps in detecting the body's estimated fat based on body height and weight.
 
BMI:
Less than 18.5 is considered to be 'less weight'.
Weights between 18.5 and 22.9 are considered normal weight.
Weights between 23.0 and 24.9 are considered to be overweight.
25.0 or more BMI is considered obesity.
 
The general objective is to target a BMI less than 25. Doctors or health care providers can help in setting appropriate BMI goals.
 
managing stress
 
Learning how to cope with stress management, comfort and problems improves emotional and physical health. Emphasize stressful healthy activities, such as:
 
stress management program
Meditation
Physical activity
Relaxation / dysfunction therapy
• Talking to friends or family
 
physical activity
 
Regular physical activity reduces the risk of LDL or "bad / bad" cholesterol, high blood pressure and many atherosclerosis risks with excessive weight. Physical activity also reduces the risk of diabetes and can increase HDL or "better / good" cholesterol, which helps in preventing atherosclerosis.
 
Quit smoking
 
If you smoke or consume tobacco, leave it. Smoke can damage the blood vessels and tighten the vessels and increase the risk of atherosclerosis. Consult therapeutic programs and products that help in quitting smoking. Also, try to avoid passive smoking. If you have a problem in quitting smoking, then emphasize participation in the collaborative group. Many hospitals, workplaces and community groups provide classes to help people quit smoking.
 

  • PUBLISHED DATE : Feb 24, 2019
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Feb 24, 2019

Discussion

Write your comments

This question is for preventing automated spam submissions
The content on this page has been supervised by the Nodal Officer, Project Director and Assistant Director (Medical) of Centre for Health Informatics. Relevant references are cited on each page.