पेरिकार्डिटिस

 
परिचय
 
पेरिकार्डिटिस, पेरिकर्डियम (हृदय के चारो ओर स्थित द्रव भरी उत्तकों की थैली) की सूजन होती है। विशिष्ट सीने में होने वाला दर्द प्राय: उपस्थित होता है। यह सामान्य हृदय रोग है।
 
पेरिकार्डिटिस मुख्यत: तीन प्रकार का होता हैं:
 
  • एक्यूट पेरिकार्डिटिस- जिसमें लक्षण कम से कम तीन महीने  (उपचार से सामान्यतः एक सप्ताह के भीतर लक्षण समाप्त हो जाते है) से हो रहे होते है।
  • आवर्ती पेरिकार्डिटिस- जिसमें किसी व्यक्ति को एक्यूट पेराकार्डिटिस का एपिसोड बार-बार होता है।
  • क्रोनिक पेरिकार्डिटिस- पेरिकार्डिटिस की जटिलता, जिसमें लक्षण तीन महीनों से अधिक समय तक रहते है।
 
संदर्भ:
 
 
 

लक्षण 
 
एक्यूट पेरिकार्डिटिस का सबसे सामान्य लक्षण तीव्र, चुभन वाला सीने में दर्द है, जो कि पीठ पर स्कैपुला के निचले भाग में फैलता है तथा बैठकर एवं आगे की ओर झुककर राहत मिलती है तथा लेटकर (सहारा लेकर लेटने या पीठ के बल लेटने वाली मुद्रा) या सांस (सांस अंदर लेने से) से स्थिति ख़राब हो जाती है।
 
अन्य लक्षणों में शामिल है:
  • अत्यधिक बुख़ार (बुख़ार)।
  • सांस लेने में परेशानी।
  • थकावट।
  • मतली।
  • सूखी खांसी।
  • पैर या पेट की सूजन।
संदर्भ:
 

कारण
 
पेरिकार्डिटिस का कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह अक्सर संक्रमण से संबंधित होता है, जैसे कि:
 
  • वायरल संक्रमण, जिसके कारण सीने में सर्दी या निमोनिया हो जाता है, जैसे कि इकोवाइरस या कॉक्सैकी वायरस (जो कि बच्चों में सामान्य है) के साथ-साथ इन्फ्लूएंजा।
  • बैक्टीरिया से संक्रमण (बेहद कम)।
  • कुछ फंगल संक्रमण (और भी कम)।
अन्य कारणों में शामिल है:
  • प्रतिरक्षा स्थितियां जैसे कि सिस्टेमिक लूपस एरीथेमॅटोसस (महिलाओं के बीच अधिक सामान्य है) या गठिया (रुमैटिक) बुख़ार। 
  • हृदय आघात, उदाहरण के लिए हृदय में छेद, जिसके परिणामस्वरुप संक्रमण या सूजन।
  • मलिग्नेंसीय/असाध्य ऊतक समूह।
  • दवाओं के दुष्प्रभाव, उदाहरण के लिए वारफ़रिन, आइसोनियाजिड, हेपरिन और साइक्लोस्पोरिन।
संदर्भ:
 

निदान
 
सामान्यत: पेरिकार्डिटिस का निदान लक्षण, शारीरिक परीक्षण एवं वर्तमान चिकित्सीय इतिहास के माध्यम से किया जाता है।
 
निदान की पुष्टि सामान्यत: इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) से की जाती है। ईसीजी के दौरान इलेक्ट्रोड को हृदय की विद्युत गतिविधि मापने के लिए त्वचा पर रखा जाता है। आगे के परीक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
  • सीने का एक्स-रे।
  • मैगनेटिक रिसोनैंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन।
  • कंप्यूटर टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन।
  • इकोकार्डियोग्राम- यह परीक्षण अल्ट्रासाउंड स्कैन के समान है, क्योंकि इसमें आपके हृदय और पेरिकार्डियम का विस्तृत चित्र बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है।
 
संदर्भ:
 

प्रबंधन
 
पेरिकार्डिटिस के अधिकांश मामलों को गैर-स्टेरायडल एंटी-इन्फ्लैमेटरी ड्रग्स (एनएसएआईडीएस) से सफलतापूर्वक उपचारित किया जाता है।
 
एनएसएआईडी, पेरिकार्डियम की सूजन को कम करके काम करते हैं। ये सीने में दर्द से भी राहत दिलाते है। 
 
गंभीर मामलों में निम्नलिखित की आवश्यकता हो सकती है:
  • पेरिकार्डियॉंस्टेसिस: पेरिकार्डियल इफ्यूश़न/टैम्पोनेड स्थिति में से पेरिकार्डियॉंस्टेसिस उपचार किया जाता है।
  • स्टेरॉयड का उपयोग एक्यूट पेरिकार्डिटिस में किया जाता है, लेकिन इन्हें पसंद नहीं किया जाता हैं, क्योंकि वे आवर्ती पेरिकार्डिटिस की संभावना को बढ़ाते हैं।
  • कंस्ट्रक्टिव पेरिकार्डिटिस के मामलों में पेरिकार्डिक्टोमी किया जा सकता है।
 
संदर्भ:
 

जटिलताएं
 
क्रोनिक पेरिकार्डिटिस के मुख्य दो प्रकार हैं:
  • क्रोनिक इफ्यूसिव पेरिकार्डिटिस- जब पेरीकार्डियम के भीतर की जगह में अतिरिक्त तरल पदार्थ इकट्ठा हो जाता है।
  • क्रोनिक कंस्ट्रक्टिव पेरिकार्डिटिस- जिसमें पेरीकार्डियम के ऊतक निशान के माध्यम से कठोर हो जाते है।
  • कार्डिएक टैंपोनेड- पेरिकार्डियम की सूजन पेरीकार्डियम के अंदर अधिक तरल पदार्थ निर्मित कर सकती है। अत्यधिक तरल हृदय को दवाब में रखता है, जो कि शरीर के चारों ओर रक्त पंप करने को असमर्थ बनाता है। इसे कार्डियाक टैम्पोनेड के नाम से जाना जाता है
 
संदर्भ:
 
 

  • PUBLISHED DATE : Mar 07, 2018
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Mar 07, 2018

Discussion

Write your comments

This question is for preventing automated spam submissions
The content on this page has been supervised by the Nodal Officer, Project Director and Assistant Director (Medical) of Centre for Health Informatics. Relevant references are cited on each page.