कोरोनरी हृदय रोग

परिचय 
कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) विरलन या कोरोनरी धमनियों की रुकावट, आमतौर पर ऐथिरोस्क्लेरोसिस के कारण होती है। ऐथिरोस्क्लेरोसिस (जिसे कभी-कभी "हार्डनिंग" या धमनियों की "क्लॉगिंग" कहा जाता है) में धमनियों की आंतरिक दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल और वसा का जमाव (जिसे प्लाक कहा जाता है) हो जाता है। यह जमाव, रक्तवाहिनी की क्लॉगिंग द्वारा रक्त के प्रवाह को प्रतिबंधित करता है। इसके परिणामस्वरूप, हृदय को कम मात्रा में रक्ति की आपूर्ति होती है तथा हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों और ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ता है। इसके कारण सीने में दर्द होता है, जिसे एंजाइना कहा जाता है। यदि हृदय की मांसपेशी को रक्त की आपूर्ति करने वाला हिस्सा पूरी तरह से कार्य नहीं करता है या यदि हृदय को रक्त की आपूर्ति में ऊर्जा की मांग बढ़ जाती हैं, तो हृदय/दिल का दौरा (हृदय की मांसपेशियों की चोट) हो सकती है। ग्रामीण भारत की तुलना में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले पुरुषों और महिलाओं दोनों में कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) मृत्यु का प्रमुख कारण है।
 
संदर्भ: 
 
इस मॉड्यूल की सामग्री, डॉ संदीप सेठ, कार्डियोलोजी विभाग, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा दिनांक २३/०३/२०१५ को प्रमाणित की गई है।

लक्षण 
सीएचडी का सबसे सामान्य लक्षण सीने में दर्द (एंजाइना) और हृदय/दिल का दौरा है। जब हृदय को पर्याप्त रक्त या ऑक्सीजन प्राप्त नहीं होता है, तब आमतौर पर दर्द प्रकट होता है। दर्द की तीव्रता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है।
  • इस रोग में व्यक्ति को भारीपन महसूस हो सकता है या किसी व्यक्ति को हृदय की निचोड़न भी महसूस हो सकती है।
  • व्यक्ति को छाती की हड्डी (उरोस्थि) के तहत असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन उसे गर्दन, हाथ, पेट, या पीठ के ऊपरी हिस्से में भी असहजता महसूस हो सकती है।
  • आमतौर पर, यह दर्द सक्रियता या भावनात्मक स्थिति के साथ उत्पन्न होता है और आराम करने से दर्द चला जाता है या नाइट्रोग्लिसरीन नामक दवा का सेवन करने के उपरांत भी दर्द समाप्त हो जाता है।
  • अन्य लक्षणों में सांस की तकलीफ़ और सक्रियता (थकावट) के साथ थकान शमिल है। 
  • महिलाओं, बुजुर्गों और मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को सीने में दर्द के अलावा, अन्य लक्षणों से पीड़ित होने की संभावना हो सकती है, जैसे कि-
  • थकान। 
  • सांस की तकलीफ़। 
  • सामान्य कमज़ोरी। 
संदर्भ: 

 

कारण
कोरोनरी हृदय रोग (सीएचडी) के कारणों के साथ जुड़े ज़ोखिम के कारक निम्नलिखित हैं:
  • मोटापा। 
  • धूम्रपान। 
  • तनाव। 
  • उच्च रक्तचाप। 
  • आसीन जीवन शैली। 
  • मधुमेह। 
  • सीएचडी से पीड़ित होने वालों का परिवारिक इतिहास - परिवारिक इतिहास से पीड़ित होने वाले व्यक्तियों को रोग होने का ज़ोखिम अधिक होता है। 
  • रक्त में कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर। 
संदर्भ: 

निदान 
रोग के परीक्षण में निम्नलिखित शामिल होते है :
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी)। 
  • तनाव परीक्षण:
  • व्यायाम तनाव परीक्षण। 
  • इकोकार्डियोग्राम तनाव परीक्षण। 
  • न्यूक्लियर तनाव परीक्षण। 
  • कोरोनरी सीटी एंजियोग्राम। 
  • कोरोनरी एंजियोग्राफी - इनवेसिव परीक्षण, जो कि एक्स-रे के तहत हृदय धमनियों का मूल्यांकन करता है।
  • व्यक्ति को उचित निदान और उपचार के लिए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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प्रबंधन 
दवाएं जैसे कि एस्पिरिन,बीटा ब्लॉकर्स, नाइट्रेट,कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स, नोकोरन, ट्राईमेंटाजेडाइन और रेनोलेजाईन के साथ-साथ स्टैटिन का उपयोग किया जा सकता है।
रिवस्कुलेरेजेशन प्रक्रियाओं में स्टेंट आरोपण के साथ कोरोनरी धमनी बाईपास सर्जरी और कोरोनरी एंजियोप्लास्टी का उपयोग शामिल है। 
  • जीवन शैली:
  • वज़न पर नियंत्रण। 
  • धूम्रपान सीसेशन। 
  • वसा के सेवन से बचाव। 
  • चलना, दौड़ना, या तैराकी जैसे व्यायाम करना, समय के साथ रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा और रक्तचाप को कम करने में मदद करते है। 
  • साइकोसोशल तनाव में कमी। 
  • यह केवल स्वास्थ्य की समझने को विकसित करने के लिए है। व्यक्ति को उचित निदान और उपचार के लिए तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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रोकथाम 
  • स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन करें।
  • ताज़ा फल और सब्जियों तथा साबुत अनाज सहित कम वसा और उच्च रेशा युक्त आहार का सेवन की सिफ़ारिश की जाती है। 
  • शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय रहें।
  • नियमित व्यायाम के साथ स्वस्थ आहार का सेवन स्वस्थ वज़न को बनाए रखने का सबसे बेहतर उपाय है।
  • उच्च रक्तचाप के विकास की संभावना को स्वस्थ वज़न कम करता है।
  • रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम और कम संतृप्त वसा में तैयार स्वस्थ आहार का सेवन करें तथा यदि आवश्यक हों, तो रक्तचाप को कम करने के लिए उचित दवाओं का सेवन किया जा सकता है।
 
संदर्भ:

  • PUBLISHED DATE : Mar 23, 2016
  • PUBLISHED BY : Zahid
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Mar 23, 2016

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