थैलेसीमिया

थैलेसीमिया
परिचय
 
थैलेसीमिया अनुवांशिक ऑटोसोमल रीसेसिव रक्त विकार (बच्चों को माता-पिता से अनुवांशिक तौर पर मिलने वाला रक्त-रोग है) है, जिसकी उत्पति भूमध्य क्षेत्र में हुयी थी। थैलेसीमिया में इस रोग का कारण लाल रक्त कोशिकाओं की कमजोरी और क्षति है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में प्रोटीन होता है, जो कि ऑक्सीजन लेकर जाता है। थैलेसीमिया से पीड़ित लोगों में कम हीमोग्लोबिन बनता हैं और सामान्य की तुलना में रक्त कोशिकाओं में कम संचारित होता है, जिसके परिणामस्वरुप हल्का या गंभीर एनीमिया हो जाता है। थैलेसीमिया माइक्रोक्रेटिक एनीमिया के रूप में उपस्थित होगा, जो कि आयरन की कमी वाले एनीमिया से अलग होता है।
 
थैलेसीमिया के प्रकार:
 
अल्फा थैलेसीमिया: अल्फा थैलेसीमिया क्रोमोज़ोम नंबर 16 में चार जीन के कारण प्रत्येक क्रोमोज़ोम पर 2 जीन, उससे प्रभावित होता है और स्थिति की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि उनमें से कितने जीन परिवर्तित हुये हैं।
 
बीटा थैलेसीमिया: बीटा थैलेसीमिया मध्यम से गंभीर हो सकता है। सबसे गंभीर प्रकार की स्थिति को बीटा थैलेसीमिया प्रमुख (बीटीएम) के नाम से जाना जाता है। बीटीएम से पीड़ित लोगों को अपने शेष जीवन में रक्त-आधान की आवश्यकता होती है।
 
संदर्भ: 
 
 
 
 
 

लक्षण 
 
  • थैलेसीमिया के लक्षण एनीमिया के समान होते हैं, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
  • विकास में देरी और आहार में अरुचि।
  • थकान।
  • कमजोरी।
  • सांस लेने में तकलीफ़।
  • त्वचा के रंग में पीलापन (पीलिया)।
संदर्भ:
 

कारण
 
अल्फ़ा और बीटा थैलेसीमिया दोनों अक्सर ऑटोसोमल रीसेसिव तरीकें से आनुवंशिक होता है, जबकि ऐसा हमेशा नहीं होता है। थैलेसीमिया रोग के ऑटोसोमल रीसेसिव प्रकार में बच्चे को प्रभावित करने के लिए माता-पिता दोनों वाहक होने चाहिए। यदि माता-पिता दोनों हीमोग्लोबिनोपैथी गुण के वाहक हैं, तो प्रत्येक गर्भावस्था में बच्चे के प्रभावित होने का ज़ोखिम पचीस प्रतिशत होता है। आनुवंशिक परामर्श और अनुवांशिक परीक्षण की सिफ़ारिश उन परिवारों के लिए की जाती है, जिन्हें थैलेसीमिया से पीड़ित होने की संभावना होती हैं।
 
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निदान
 
शारीरिक परीक्षण प्लीहा/स्प्लीन (विस्तारित) में सूजन प्रकट करता है। थैलेसीमिया का निदान रक्त परीक्षण का उपयोग करके किया जा सकता है। रक्त का नमूना लिया जाता है और उसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है।
 
लाल रक्त कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर देखने पर छोटी और असामान्य आकार में दिखाई देंगी।
 
पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) एनीमिया दर्शाता है।
 
हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरोसिस बोले जाने वाला परीक्षण, हीमोग्लोबिन के असामान्य प्रकार की उपस्थिति दिखाता है।
 
प्रसवपूर्व जांच: प्रसवपूर्व जांच का उद्देश्य (गर्भावस्था के दौरान किया जाने वाला परीक्षण) अनुवांशिक विकार जैसे कि सिकल सेल एनीमिया की जांच करना है और इसकी जानकारी माता-पिता को प्रदान करना है ताकि वे कोई निर्णय ले सकें।
 
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प्रबंधन
 
थैलेसीमिया मेजर के लिए उपचार ‘आजीवन प्रक्रिया’ है, जिसमें स्थिति की जटिलताओं का प्रबंधन करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है।
 
रक्त-आधान: थैलेसीमिया के मुख्य उपचार में हीमोग्लोबिन प्रदान करने के लिए नियमित रक्त-आधान किया जाता है, जो कि शरीर लिए आवश्यक है। कुछ रोगियों विशेषकर बच्चों में अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण रोग का उपचार करने में मदद कर सकता है।
 
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जटिलताएं
 
थैलेसीमिया की कुछ सामान्य जटिलताएं निम्नलिखित हैं: 
 
विस्तारित प्लीहा/स्पलीन (हाइपरप्लेनिज्म)।
 
प्लीहा/स्पलीन (पेट के पीछे पाया जाने वाला अंग) के कार्यों में से एक लाल रक्त कोशिकाओं का पुनर्चक्रण है। बीटीएम से पीड़ित लोगों में रक्त कोशिकाएं प्राय: आकार में असामान्य होती हैं, इसलिए प्लीहा/स्पलीन को उनका पुनर्चक्रण करने में समस्या होती हैं। इसके परिणामस्वरूप रक्त की विस्तृत मात्रा प्लीहा/स्पलीन में रहती है, जो कि प्लीहा/स्पलीन के आकर में वृद्धि करती है।
 
यह वृद्धि अतिसक्रिय प्लीहा/स्पलीन को उत्पन्न करती है, जब यह रक्त आधान के दौरान स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू करती है, तब थैलेसीमिया का उपचार मुश्किल हो जाता है। इन परिस्थितियों में एकमात्र उपचार स्प्लेनेक्टोमी नामक प्रक्रिया का उपयोग करके प्लीहा/स्पलीन को निकालना है।
 
हार्मोन जटिलताएं
 
हार्मोन प्रणाली (पिट्यूटरी ग्रंथि) को नियंत्रित करने वाली ग्रंथियों में से एक आयरन के प्रभावों के प्रति बेहद संवेदनशील है। इसलिए, बीटीएम से पीड़ित कुछ लोगों में यह क्षतिग्रस्त हो सकती है, यद्यपि उन्हें अपनी चेलेशन थेरेपी मिल रही है।
 
पीयूषिका-ग्रंथि की क्षति के परिणामस्वरुप युवावस्था में देरी और प्रतिबंधित विकास सहित कई हार्मोनल स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इन स्थितियों को ठीक करने के लिए हार्मोन प्रतिस्थापन चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है। 
 
संदर्भ:
 

  • PUBLISHED DATE : Aug 01, 2018
  • PUBLISHED BY : NHP Admin
  • CREATED / VALIDATED BY : Sunita
  • LAST UPDATED ON : Aug 01, 2018

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